Lanxess उद्योग में 218 स्थायी श्रमिक, 500 को स्थायी करने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं: प्रहलाद पटेल
भारत सागर न्यूज/नागदा। मध्यप्रदेश विधानसभा में नागदा स्थित लैंक्सेस उद्योग में कार्यरत श्रमिकों को स्थायी किए जाने का मुद्दा उठाया गया। बाला बच्चन ने प्रश्न के माध्यम से उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की संख्या के आधार पर 500 श्रमिकों को स्थायी करने, वर्गीकरण, वीआरएस तथा निरीक्षण संबंधी विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
500 श्रमिकों के स्थायीकरण का कोई प्रावधान नहीं —
प्रश्न के उत्तर में श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्पष्ट किया कि किसी भी औद्योगिक संस्थान में कुल श्रमिकों की संख्या के आधार पर निश्चित संख्या—जैसे 500 श्रमिक—को स्थायी करना अनिवार्य बनाने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। वर्तमान में लैंक्सेस उद्योग में 218 स्थायी श्रमिक कार्यरत हैं। मंत्री ने बताया कि नियुक्ति, स्थायीकरण एवं सेवा शर्तों से जुड़े निर्णय नियोजक के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, क्योंकि उद्योग एक निजी संस्थान है। श्रम विभाग केवल श्रम कानूनों के अनुपालन की निगरानी करता है।
निरंतर कार्य से स्थायीकरण अनिवार्य नहीं —
मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक संस्थानों पर म.प्र. औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1961 लागू रहा है, जो वर्तमान में Industrial Relations Code के रूप में प्रभावशील है। नई श्रम संहिता के अनुसार 300 या उससे अधिक श्रमिकों वाले संस्थानों पर यह लागू होती है।
स्थायी आदेशों के तहत श्रमिकों का वर्गीकरण—स्थायी, अस्थायी, परिवीक्षाधीन, बदली, प्रशिक्षु एवं नियत अवधि कर्मकार—स्पष्ट रिक्ति और कार्य की प्रकृति जैसे मानकों पर आधारित होता है। केवल निरंतर या नियमित कार्य करने मात्र से किसी श्रमिक को स्थायी श्रेणी में शामिल करना अनिवार्य नहीं है।
श्रम संगठनों से कोई औपचारिक चर्चा नहीं —
उद्योग एवं श्रम संगठनों के बीच संभावित समझौते में श्रमिकों की वास्तविक संख्या के अनुपात में स्थायीकरण का प्रावधान किए जाने संबंधी प्रश्न पर मंत्री ने बताया कि इस विषय में अभी तक नियोजक और ट्रेड यूनियन के बीच कोई औपचारिक चर्चा या समझौता नहीं हुआ है।
2013 से जनवरी 2026 तक कोई निरीक्षण नहीं —
मंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2013 से 27 जनवरी 2026 तक इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा कोई जांच या निरीक्षण नहीं किया गया है।
वीआरएस घोषित नहीं, 45 संविदा श्रमिकों ने दिया इस्तीफा —
वर्ष 2025-26 में वीआरएस के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि लैंक्सेस उद्योग द्वारा किसी प्रकार की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना घोषित नहीं की गई है।
हालांकि, लगभग 45 संविदा श्रमिकों ने पांच अलग-अलग ठेकेदारों के माध्यम से स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है। संबंधित ठेकेदारों द्वारा उन्हें कानूनी देय राशि, बकाया वेतन, अवकाश वेतन, बोनस एवं लागू ग्रेच्युटी का भुगतान किया गया है। कुछ मामलों में अतिरिक्त अनुग्रह राशि भी प्रदान की गई है।




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