बिजली कटौती से बेहाल अस्पताल व्यवस्था पर भड़के पूर्व विधायक

- मरीजों की परेशानी पर उठाए सवाल, अस्पताल प्रबंधन को दिए सुधार के निर्देश




भारत सागर न्यूज/नागदा/संजय शर्मा।
सरकारी अस्पताल में लगातार बिजली कटौती और अव्यवस्थाओं को लेकर पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत ने शुक्रवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। भाजपा पार्षदों के साथ पहुंचे शेखावत ने अस्पताल की बिगड़ती व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए बीएमओ डॉ. शिवराज कौशल और मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनुराग चौधरी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।




पूर्व विधायक ने कहा कि बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस कार्य के चलते तीन दिनों तक घंटों बिजली कटौती की गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन मरीजों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं कर पाया। भीषण गर्मी में मरीज, परिजन और अस्पताल स्टाफ परेशान होते रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में सरकारी अस्पताल की ऐसी बदहाल स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। निरीक्षण के दौरान बीएमओ डॉ. शिवराज कौशल ने बताया कि अस्पताल में किराए के जनरेटर की व्यवस्था कराई गई थी। इस पर शेखावत ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब बिजली कटौती का शेड्यूल पहले से जारी था तो मरीजों को तीन दिन तक परेशानी क्यों झेलनी पड़ी। इस पर बीएमओ ने रोगी कल्याण समिति के पास बजट की कमी होने की बात कही।




पूर्व विधायक ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि जल्द रोगी कल्याण समिति की बैठक बुलाई जाए और आवश्यक संसाधनों के लिए जनभागीदारी से सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी हालत में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके बाद शेखावत एसडीएम रंजना पाटीदार से मिलने पहुंचे और सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की मांग की। इस दौरान पूर्व नपाध्यक्ष अशोक मालवीय भी मौजूद रहे ।

- जनता किसके भरोसे सरकार...

क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जनता ने क्षेत्रीय विधायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक ओर अस्पताल में मरीज गर्मी और अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं तो दूसरी ओर कृषि मंडी में किसान पानी और सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं। इसके बावजूद जनप्रतिनिधि संगठनात्मक बैठकों और राजनीतिक आयोजनों में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में रोगी कल्याण समिति की बैठक हुए लंबा समय बीत चुका है और सरकारी विभागों की समीक्षा बैठकें भी महीनों से नहीं हुई हैं। शहर में दूषित पेयजल सप्लाई का मुद्दा लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार मौन हैं। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि आखिर उनकी समस्याओं की सुध कौन लेगा।

- अब स्टोर रूम से निकले पंखे

पूर्व विधायक के निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में इलेक्ट्रिशियन आधा दर्जन पंखों को दुरुस्त करता दिखाई दिया । इस पर पर सवाल है कि इतनी भीषण गर्मी के बाद भी अस्पताल प्रबंधन कितना लापरवाह बना हुआ है ।

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