अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस: नर्सिंग से समाजसेवा तक, रश्मि पाण्डेकर का अनुकरणीय सफर
भारत सागर न्यूज/देवास। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस प्रतिवर्ष 12 मई को आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेन्स नाइटिंगेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिन स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों के अमूल्य योगदान, समर्पण, करुणा और मानव सेवा के प्रति उनके अथक प्रयासों को सम्मान देने के लिए समर्पित है।
इसी अवसर पर देवास की वरिष्ठ नर्स एवं समाजसेवी श्रीमती रश्मि पाण्डेकर का सेवाभाव प्रेरणास्रोत बनकर सामने आया है। उन्होंने वर्ष 1977 से 2021 तक बिलासपुर, टोंकखुर्द एवं देवास में नर्सिंग सेवाएं प्रदान करते हुए हजारों मरीजों की सेवा की।
अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने सबसे अधिक लगभग 38 वर्षों तक देवास जिला अस्पताल में अपनी उल्लेखनीय सेवाएं दीं। पाण्डेकर ने अपने कार्यकाल के दौरान एएलएम, स्टाफ नर्स, नर्सिंग सिस्टर एवं मेट्रन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए स्वास्थ्य विभाग में उत्कृष्ट योगदान दिया।
उनकी कार्यशैली में सेवा, अनुशासन और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता की विशेष झलक देखने को मिली। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका समाजसेवा का सफर निरंतर जारी है। वर्तमान में वे सोशल वर्कर के रूप में आमजन तक पहुंचकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। समाज और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया जा चुका है। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर रश्मि पाण्डेकर जैसी समर्पित नर्सें समाज के लिए प्रेरणा हैं, जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा मानव सेवा को समर्पित कर दिया।




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