मुख्यमंत्री के गृह जिले में किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान लंबित, बैंक धनराशि अभाव बता रहे: पूर्व विधायक गुर्जर
- भीषण गर्मी में भुगतान के लिए रोज़ बैंकों के चक्कर लगा रहे अन्नदाता,,,
भारत सागर न्यूज/नागदा। किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के भुगतान में हो रही देरी को लेकर पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में भी किसान अपनी उपज का भुगतान प्राप्त करने के लिए परेशान हो रहे हैं। कई किसानों ने महीनों पहले समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचा था, लेकिन अभी तक उन्हें पूर्ण भुगतान नहीं मिल पाया है।
पूर्व विधायक गुर्जर ने बताया कि किसान प्रतिदिन सुबह से बैंक शाखाओं के बाहर लंबी कतारों में खड़े होकर भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को केवल आंशिक भुगतान किया जा रहा है। बैंकों में किसानों के खातों में पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बाद भी किसानों को पूर्ण राशि नहीं देने के संबंध में बैंक अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा है कि उच्च स्तर से पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है जिससे किसानों को भुगतान न होने की स्थिति पैदा हुई है तथा किसान निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बताते हुए भारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का दावा कर रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों की स्थिति कुछ और ही दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि किसान अपनी उपज बेचने के बाद भी भुगतान के लिए भटकने को विवश हैं।
पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों का सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। डीजल, खाद, बीज और कृषि उपकरणों की कीमतों में वृद्धि के कारण खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। दूसरी ओर किसानों को बाजार में अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रक्रिया भी विलंब से प्रारंभ की गई, जिसके कारण अनेक छोटे किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर कृषि मंडियों में बेचनी पड़ी। इसके अतिरिक्त स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया में भी किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। अब जिन किसानों का गेहूं खरीदा गया है, वे भुगतान के लिए बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
पूर्व विधायक गुर्जर ने यह भी कहा कि पूर्व में सोयाबीन फसल को भारी नुकसान होने के बावजूद किसानों को समय पर राहत नहीं मिल सकी। फसल बीमा और मुआवजा संबंधी दावों का भुगतान भी लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हुई है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि देश का समुचित विकास तभी संभव है, जब किसान आर्थिक रूप से मजबूत और समृद्ध हो। उन्होंने कहा कि किसानों ने अपनी मेहनत और परिश्रम से देश को खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी देशों की श्रेणी में खड़ा किया है, लेकिन आज भी उन्हें अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
पूर्व विधायक गुर्जर ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ में दबता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि किसानों के लिए अलग कृषि बजट बनाया जाए तथा कृषि उपयोग में आने वाले उपकरण, खाद, बीज, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं को वास्तविक रूप से करमुक्त करने की दिशा में कार्य किया जाए। साथ ही किसानों को उनकी उपज का लागत आधारित उचित मूल्य और सरल भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पूर्व विधायक गुर्जर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस किसानों के हित में चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।



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