सेंधव समाज मे हुआ एक अनूठा विवाह, जिसने मानव समाज को दिए कई संदेश


देवास, सोनकच्छ : देवास जिले के सोनकच्छ तहसील में एक ऐसी शादी देखने को मिली जिसमे न तो कोई बैंड था और न कोई बाराती। शादी में ना तो कोई लेनदेन हुआ और ना ही किसी अन्य प्रकार का कोई आडंबर।
समाज मे फैली हुई दहेजप्रथा जैसी जानलेवा बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए संत रामपाल महाराज ने एक मुहिम चलाई हुई है। संत के शिष्य न तो कभी दहेज लेते है और न कभी दहेज देते है। गुरुवाणी से सर्व  देवी देवताओं का आव्हान किया जाता है एवं अग्नि को साक्षी मानकर मात्र 17 मिनट में गुरुवाणी के माध्यम से शादी सम्पन्न हो जाती है।
सोनकच्छ तहसील के ग्राम देहरिया पेठ निवासी  फतेसिंह सेंधव के पुत्र रविन्द्र सेंधव जो कि चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत हैं, उन्होंने अपने गुरु के मार्गदर्शन में सीहोर जिले के आष्टा तहसील के ग्राम लसूडिया विजयसिंह निवासी कृपाल सिंह सेंधव की पुत्री पूजा के साथ दहेजमुक्त विवाह किया तथा एक सूत्र में बंध गए।
वर एवं वधू के माता पिता ने इस प्रकार की पहल करके मानव समाज को एक संदेश दिया है। जो माता-पिता अपनी पुत्री का जन्म होने पर उसकी शादी के समय होने वाले खर्च अर्थात दहेज रूपी दानव से डर कर भ्रूण हत्या जैसा महापाप कर बैठते हैं उनके लिए यह अनोखी मिसाल है।


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