कोयला खदान का रूफ गिरने से तीन अधिकारियों-कर्मचारियों की मौत..
भारत सागर न्यूज/बैतूल। छतरपुर 1 कोयला खदान का रूफ गिरने से तीन अधिकारियों-कर्मचारियों की मौत, विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक निश्चल झारिया घटना स्थल पर पहुंचे। मध्य प्रदेश में बैतूल के पाथाखेड़ा में स्थित डब्ल्यूसीएल की छतरपुर 1 कोयला खदान में गुरुवार दोपहर में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां खदान का रूफ गिरने से खदान में कार्यरत तीन अधिकारियों-कर्मचारियों की मृत्यु हो गई।
इस दर्दनाक हादसे में तीन लोग गोविंद कोसरिया पद असिस्टेंट मैनेजर उम्र-37 वर्ष, रामप्रसाद चौहान पद माइनिंग सरदार उम्र 46 वर्ष और रामदेव पंडोले पद ओवरमैन उम्र 49 वर्ष की मृत्यु हुई है।घटना के बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में अन्य कामगारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। छतरपुर खदान में हुई घटना की जानकारी प्राप्त होने पर विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक निश्चल झारिया घटना स्थल पर पहुंचे। कलेक्टर सूर्यवंशी के निर्देशानुसार त्वरित रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जिसमें खदान कार्यरत लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला पाया गया।
बताया जा रहा है कि यह हादसा छतरपुर वन खदान के सीएम सेक्शन में दोपहर करीब 3 बजे हुआ है। इसकी सूचना देरी से माइन रेस्क्यू टीम को दी गई। हालांकि सूचना मिलते ही रेस्क्यू और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंच गई। घटना खदान के मुहाने से करीब 3.5 किलोमीटर की दूरी पर कंटीन्यूअस माइनर सेक्शन में हुई।यहां करीब 10 मीटर का रूफ गिरा है। यह सेक्शन जॉय माइनिंग सर्विस का है। यह मशीन ऑस्ट्रेलिया की है।
जबकि कंपनी कोलकाता की बताई जा रही है। कोयला खदान दुर्घटना की सूचना मिलते ही यूनियन नेता और पुलिस खदान व अस्पताल की ओर दौड़ पड़े थे। फिलहाल तीनों ही कर्मचारियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है जिसके बाद शव परिजनों को सौप दिए जाएंगे वहीं घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है जांच के बाद ही घटना का कारण सामने आ पाएगा जांच शुरू कर दी गई है।


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