चौकाने वाला खुलासा- आरटीआई के जाल में उलझी जिम्मेदारों की शर्मनाक लापरवाही।

- फिल्टर प्लांट के खुले पानी के चैंम्बर के उपर बनी रैलिंग के नीचें कबुतर ने दिए अंडे अब बच्चे और मल (बीट) की गंदगी के मिले ढेर

- शहर में जो पेयजल सप्लाय किया जा रहा उसमें कबुतर के अंडों का अंश और मल (बीट) मिलने का अंदेशा,,,

- फिल्टर प्लांट के क्लेरी फोक्युलेशन सिस्टम की विधुत मोटर दो माह से पडी बंद

 - सूत्र बता रहे हैं फिल्टर प्लांट की सफाई के दौरान मिला था कबुतर का शव




भारत सागर न्यूज/संजय शर्मा/नागदा। शहर में गत दिनों मटमैला पानी सप्लाय का मामला अभी सुर्खियों में चल ही रहा था कि  सूचना अधिकार की पकड़ में जिम्मेदारों की एक शर्मसार लापरवाही का चौकाने वाला मामला सामने आया है। शहर की हजारों जनता को जो पानी पिलाया जा रहा उसमें कबुतर के अंडे और मल (बीट)मिले होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।




चंबल तट स्थित नपा की जल आवर्धन योजना के तहत  22 करोड़ की लागत से बनी योजना के  फिल्टर प्लांट के रख रखाब के प्रति हमारे जिम्मेदार कितने सजग उसकी पोल तो सामने आई लेकिन फिल्टर प्लांट के पानी से भरे चैबर के उपर बनी रैलिंग के नीचे कबुतरों ने अंडें दिए और अब बच्चे बन गए जो अभी भी विधमान है। वह  इसी स्थान पर कबुतर की बीट की गंदगी के ढेर मिले है। मजेदार बात यह हैकि जहां कबुतरों ने अंडे  दिए उसके ठीक नीचे शहर में जलापूर्ति होने वाला पानी भरा है। 




यह प्रमाणिक खुलासा आरटीआई  एक्टिविस्ट कैलाश सनोलिया के एक सूचना अधिकार में सामने आया है। नपा के सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति  में उस स्थान के अधिकृत फोटों ओर वीडियो फुटेज प्राप्त हुए है। इन प्रमाणों को शुक्रवार को सनोलिया ने एक प्रेसवार्ता में उजागर किया। इस मौके पर उन्होने पत्रकारों को बताया एक और जहा हम सनातन संस्कृति की बात करते और जिस पानी का उपयोग पूजा पाठ,  खाना बनाने, नहाने औरे पेयजल में करते है उस पानी कें अंदर कबुतर की बीट, अंडे और कबुतर के शव जैसे शर्मनाक अंश के मिलावट की  संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। 




जिस स्थान पर कबुतर  के चुजें और बीट मिले है उसके ठीक नीच फिल्टर प्लांट का पानी भरा है। गंद्रगी  के ढेर एक  दम स्पष्ट ऐसे दिखाई दे रहें है जहां पर बिल्कुल भी स्पेच नहीं नही है। थोड़ी से हवा या कबुतर के पंखों की आहट से इनके  अंश जो  फिल्टर प्लांट सिस्टम का पानी नीचे भरा उसके  अंदर टपकने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। यह सब कुछ सूचना अधिकार की एक विशेष धारा  में फिल्टर प्लांट के निरीक्षण के उपरांत मांगे गए चित्र और वीडियों फुटेज के प्रमाण अधिकृत रूप से सामने आए हैं।




ये प्रमाण सामने आए-

सनोलिया के  पर  नपा के सहायक यंत्री और सूचना अधिकार व्यवस्था के सहायक लोकसूचना अधिकारी रविदं मडलोई और फिल्टर प्लांट के सहायक प्रभारी लिनस फ्रेकलिन शिदे ने  उन्हें  फिल्टर प्लांट का निरीक्षण  के बाद चिन्हित स्थान के  मौके की तस्वीरे और वीडियों फुटेज विधिवत  प्राप्त कराने की अनुमति  दी। आवेदक   को  फिल्टर लांट का मौका निरीक्षण  कराने के लिए  नपा के सक्षम अधिकारी ने एक पत्र जारी किया था।  दिनांक 17 अक्टूबर को प्लांट का निरीक्षण कर मौके से फोटो और वीडियों फुटेज संकलित किए। जिसके तहत प्लांट पर उपस्थित रहने का निर्देश आवेदक को दिया गया था। (नपा के  सक्षम अधिकारी के पत्र की प्रति संलग्न है)




ये प्रमाण प्राप्त संकलित किए-

1. फिल्टर न्लांट के जिस स्थान पर कबुतर ने बव्वे दिए उसका वीडियों फुटेज जिसमें कबुतर बैठा हुआ दिखाई दे रहा है। यह  स्थान एक दम असुरक्षित है,  हवा के झोके से या बारिश से अंडे व कबुतर के बच्चों को  नीचे गिरने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। यह वह  स्थान है जहां फिल्टर प्लांट की विधुत मोटर चलती रहती है। जिसे फोक्युलेशन सिस्टम कहा जाता है।  इस सिस्टम की मोटर लापरवाही के कारण यह अभी बंद पडी है। हालांकि 2 वर्ष से ये विधुत मोटरे बंद होने की जानकारी सामने आई है।

2. वह फोटो जहां कबुतर की बीट स्पर्ष्ट दिखाई दे रही है जो हवा के एक झोके से नीचे भरे  उस पानी में गिर सकती है जो शहर के लोगों  को पिलाया जा रहा है।

3. फिल्टर प्लांट के सहायक प्रभारी शिंदे का वह वीडियों  फुटेज जो इस बात को स्वीकार कर रहे  हैकि कबुतर ने फिल्टर प्लांट के उस स्थानपर बच्ये दिए जिसके नीचे भरा पानी शहर मे सप्लाय होता है। उनसे यह सवाल पूछा जा रहा हैकि इस स्थान से अंडे बीट आदि नीचे भी गिर सकते है यह असुरक्षित स्थान है वे जवाब देने में मौन है।

4. लांट पर  कार्यरत कर्मचारी फुंटेज में इस बात को स्वीकार कर रहा हैकि कबुतर के बच्चों के कारण हम फिल्टर प्लांट की मौटर लगभग दो माह से नहीं चला रहे हैं। उस से यह भी सवाल किया गया कि  यहां इन बच्चों के उड जाने के बाद फिर कबुतर बच्चे देंगे वह आश्वस्त कर रहा हैकि अब ऐसे नहीं होने देंगे। उसके पास इस बात का कोइ जवाब नहीं हैकि अडे और कबुतर की गंदगी नीचे भरे पानी में गिरती हेगी। उसका यह कहना थाकि हम इस बारे में धुम घुम कर देखते रहते है।

5.  फिल्टर प्लांट के उस पूरे भाग का फोटो और वीडियों फुटेज जिसमें पानी के उपर वह रेलिग है जिसमें कबुतर ने संतान उत्पति का घर बना रखा है।

6. फिल्टर प्लांट की जल आवर्धन योजना का शिलालेख पर नाम अंकित जिस पर शहर के राष्टष्श्  स्तर  से लेकर स्थानीय एक दर्जन राजनेताओं के नाम  अंकित है।

7. फिल्टर प्लांट की गत दिनों हुई सफाई में एक मृत कबुतर की बात सूत्रों से मिली है,  मौके  पर  कर्मचारी ने पहले तो बताया कि ऐसा हुआ था लेकिन बाद में कैमरे के सामने यह कह रहा कि उसकी शिफट मे  तो  नहीं हुआ था अन्य शिपट की मुझे जानकारी नहीं है।

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