देवी की शक्ति में न केवल शारीरिक बल है, बल्कि मानसिक और आत्मिक शक्ति भी है- गुरुदेव शुभम कृष्ण दुबे
भारत सागर न्यूज/देवास। श्रीनाथ गार्डन के पास, मल्हार रोड पर चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के पांचवे दिवस परम पूज्य गुरुदेव शुभम कृष्ण दुबे ने देवी दुर्गा की उत्पत्ति और रूप के बारे में प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कैसे देवी ने राक्षसों का वध करने के लिए अनेक रूप धारण किए और प्रत्येक रूप में उनकी शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन किया।
जैसे, काली, भवानी, आदि शक्ति, दुर्गा आदि रूपों में देवी ने राक्षसों को नष्ट किया। महिषासुर, एक राक्षस था जो देवताओं के लिए बहुत ही भयंकर संकट बन गया था। वह देवी के समक्ष युद्ध के लिए आया था, लेकिन देवी ने उसे अपने दिव्य रूप और शक्ति से पराजित किया।
आयोजक श्रीमती सरोज बजरंग बैरवा (पूर्व पार्षद) ने बताया कि व्यासपीठ की आरती प्रारंभ में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव, महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव खण्डेलवाल सहित स्थानीय भक्तों ने की।
साथ ही कथा के दौरान गुरुदेव शुभम कृष्ण दुबे का जन्मोत्सव भी भक्तों द्वारा धूमधाम से मनाया गया। गुरूदेव ने आगे कहा कि देवी के पूजा के विशेष मंत्रों का जाप और उनकी उपासना से व्यक्ति के सभी कष्ट समाप्त होते हैं और उसे सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
देवी की शक्ति में न केवल शारीरिक बल है, बल्कि मानसिक और आत्मिक शक्ति भी है, जो हर व्यक्ति के जीवन में सफलता, आनंद और शांति लाती है। श्रीमद् देवी भागवत कथा 26 दिसंबर तक दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। कथा समापन के पश्चात 27 दिसंबर को महाप्रसादी का आयोजन होगा।





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