ओशो होली महोत्सव पर चार दिवसीय ध्यान शिविर आज से




भारत सागर न्यूज/देवास। स्वामी योगेन्द्र भारती एवं नवीन सोलंकी ने बताया कि होली जीवन के रूपांतरण का त्यौहार है, होली नवजीवन का त्यौहार है, होली बसंत का त्यौहार है, होली रंगों का प्रतीक है, हर रंग की अलग अलग उर्जा होती है, होली नृत्य एवं संगीत का त्यौहार है, पूरा ब्रह्माण्ड उर्जा से भरा हुआ है। 




उर्जा एक रूप से दूसरे रूप में बदल जाती है जब हम खुश होते है तो बदल जाती है, जब काम, क्रोध, मोह लोभ से ग्रसित होते है तब उर्जा बदल जाती है। पूर्णिमा के दिन पानी पर गहरा प्रभाव पडता है, मनुष्य का शरीर 70 प्रतिशत पानी से भरा है इसलिए इसका आपके शरीर पर भी गहरा प्रभाव पडता है। 




इसलिए इंदौर उज्जैन रोड स्थित तक्षशीला स्कूल के पीछे ओशो महांकाल धाम आश्रम पर चार दिवसीय ध्यान शिविर 28 फरवरी शाम 6 बजे से 4 मार्च दोपहर तक थेरेपिस्ट मां प्रेम अंजी कच्छ गुजरात के दिव्य संचालन आयोजित हो रहा है। 




अद्भुत रंगों की यात्रा, नव बसंत के आगमन व ब्रह्माण्ड की उर्जा की गहराई में उतरने के लिए स्वामी बोधि निजेन, स्वामी बोधि सागर, मां दिव्याम कांता, मां प्रेम उपासना, मां प्रेम अन्जु, स्वामी बसंत कटारे, स्वामी विनय पाल स्वामी हर्षद नागर, मां प्रेम आरती ने सहभागिता के लिए आग्रह किया।

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