देवास में किसानों का प्रदर्शन: मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, चेतावनी दी—मांगें नहीं मानीं तो होगा घेराव...
भारत सागर न्यूज/देवास। जिले के खातेगांव में सोमवार को किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
जिला किसान कांग्रेस एवं ब्लॉक किसान कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों किसान सामुदायिक भवन से रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और जिला प्रभारी सदाशिव यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का नेतृत्व जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष विश्वजीत सिंह चौहान तथा ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश बरड़ (खातेगांव), राहुल पटेल (कन्नौद), नारायण कुमावत (हरणगांव) और नूर खान (अजनास) ने किया।
प्रमुख मांगें -
किसानों ने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं, जिनमें शामिल हैं:
1. सोसायटी ऋण जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, अन्यथा घेराव किया जाएगा।
2. गेहूं की तौल प्लेट काटा से की जाए।
3. इंदौर–बुधनी रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहित भूमि का बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जाए।
4. गेहूं का समर्थन मूल्य 4000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए।
5. किसानों के बिजली बिल की वसूली पर तत्काल रोक लगाकर बिल माफ या आसान किस्तों में किया जाए।
2. गेहूं की तौल प्लेट काटा से की जाए।
3. इंदौर–बुधनी रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहित भूमि का बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जाए।
4. गेहूं का समर्थन मूल्य 4000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए।
5. किसानों के बिजली बिल की वसूली पर तत्काल रोक लगाकर बिल माफ या आसान किस्तों में किया जाए।
6. गैस सिलेंडर, डीजल और पेट्रोल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
7. एनएच 146 बी से प्रभावित किसानों की समस्याओं का पहले समाधान किया जाए, उसके बाद ही सड़क निर्माण शुरू हो।
8. वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाए।
9. इसके अलावा किसानों ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील का विरोध करते हुए इसे बंद करने की मांग भी उठाई।
चेतावनी भरा रुख -
किसानों ने स्पष्ट कहा कि यह केवल मांगें नहीं बल्कि सीधी चेतावनी है। यदि सरकार ने जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन तेज करेंगे।
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद -
इस प्रदर्शन में क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, किसान, युवा और महिला कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। आंदोलन के दौरान किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।







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