विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह अंतर्गत जिला अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ

 जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
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भारत सागर न्यूज/देवास। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिला चिकित्सालय देवास में विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह के तहत तंबाकू निषेध कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम “निकोटिन और तंबाकू की लत का आकर्षण बेनकाब करें” को सफल बनाने हेतु विविध गतिविधियाँ संचालित की गईं।
          



कार्यक्रम में युवाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। सीएमएचओ डॉ. बेक ने तंबाकू के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए बताया कि तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, दांत और फेफड़ों की बीमारियाँ होती हैं। इसके सेवन से युवाओं पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। निकोटिन की लत मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रभावित करती है।




सिविल सर्जन डॉ. आरपी परमार ने निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी की जानकारी देते हुए बताया कि यह उपचार तंबाकू छोड़ने में सहायक है और धीरे-धीरे लत को कम करता है। उन्होंने कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि कोटपा अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध है। आरएमओ डॉ. अजय पटेल ने स्वस्थ जीवन शैली पर जानकारी देते हुए बताया कि नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार और तनाव प्रबंधन तंबाकू छोड़ने में मददगार हैं।




जिला कोटपा नोडल अधिकारी डॉ. सनी चौरसे ने तंबाकू सेसेशन सेंटर एवं निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी  की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 धारा 4 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है और इन स्थानों पर धूम्रपान करने वाले लोगों पर 200 रूपये तक जुर्माने का प्रावधान है। धारा 5 के अंतर्गत तम्बाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों तरह के विज्ञापनों पर प्रतिबंध है। धारा 6 की जानकारी देते हुये बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा किसी भी प्रकार के तम्बाकू पदार्थ को खरीदना व बेचना अपराध है। किसी भी सामान बेचने वाली दुकान पर तम्बाकू पदार्थो का प्रदर्शन प्रतिबंधित है। तम्बाकू पदार्थों की वेंडिंग मशीनों द्वारा ब्रिकी प्रतिबंधित है। विद्यालय से 300 फीट (100 गज) की दूरी तक तम्बाकू उत्पादों का उपयोग, क्रय एवं विक्रय प्रतिबंधित है। धारा 7 के अंतर्गत प्रत्येक तम्बाकू उत्पाद पर चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी होनी चाहिये। यह चेतावनी हर 12 महीनों में बदली जायेगी।
      डॉ. शिवम पालीवाल ने तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर, हृदय रोग, श्वसन रोग जैसे गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों पर प्रकाश डाला। डॉ. फराह मैनेजर ने तंबाकू उत्पादों के भ्रामक प्रचार और उसके सामाजिक दुष्प्रभावों पर चर्चा की। कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय के दंत चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी तथा अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से “नो टोबैको प्लेज” (तंबाकू निषेध शपथ) लेकर तंबाकू सेवन न करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प भी लिया।

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