नागदा-खाचरौद सहित जिले के उपस्वास्थ्य केन्द्र निर्माणों में भ्रष्टाचार के आरोप, स्टीमेट के अनुसार कार्य नहीं होने पर मुख्यमंत्री से जांच की मांग
भारत सागर न्यूज/नागदा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की 15वें वित्त आयोग योजनान्तर्गत नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र के 21 गांवों में निर्माणाधीन भवन विहीन उपस्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने आरोप लगाया है कि प्रत्येक उपस्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण हेतु लगभग 65-65 लाख रुपये की राशि स्वीकृत होने के बावजूद स्वीकृत स्टीमेट के अनुसार कार्य नहीं किए जा रहे हैं तथा आधे-अधूरे निर्माण कार्यो को पूर्ण दर्शाकर कर शासन की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
पूर्व विधायक गुर्जर ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि उपस्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण में घटिया एवं निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया है। कई स्थानों पर सीमेंट, सरिया, प्लास्टर एवं अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई है, जिससे भवनों की मजबूती एवं सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कई गांवों में बाउण्ड्रीवाल का निर्माण ही नहीं किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर रेलिंग एवं गैलरी जैसी आवश्यक संरचनाएं अधूरी छोड़ दी गई हैं। कई भवनों में फर्श, प्लास्टर, विद्युत फिटिंग, सेनेटरी कार्य एवं पानी की व्यवस्था भी पूरी नहीं हुई है पहुंच मार्ग का निर्माण भी नही किया गया है इसके बावजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा पंचायत सरपंचों पर स्टीमेट के आधार पर अधुरे बने भवनों को हैंडओवर लेने का दबाव बनाया जा रहा है और यदि सरपंच हेडओवर न ले तो संबंधित सी.एच.ओ. को हैंडओवर करने के निर्देश दिए गए है जो कि सरेआम भ्रष्टाचार को बढावा है।
पूर्व विधायक गुर्जर के अनुसार योजना के अंतर्गत ग्राम बटलावदी, नंदियासी, अर्जला, बरखेडाजावरा, बेरछा, भैंसोला, भीकमपुर, बेडावन्या, घिनोदा, कमठाना, केशरिया, नरसिंहगढ़, श्रीबच्छ, बड़ागांव, भाटीसुडा, बिरियाखेड़ी, चांपानेर, कनवास, मोकड़ी, पचलासी एवं रूनखेड़ा सहित कुल 21 गांवों में भवन विहीन उपस्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण स्वीकृत किया गया था। इन कार्यों में उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन के साथ-साथ सी.एच.ओ. आवास गृह, विद्युत कार्य, सेनेटरी फिटिंग, नलकूप खनन एवं बाउण्ड्रीवाल निर्माण भी शामिल था।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस महत्वपूर्ण योजना में यदि भ्रष्टाचार एवं गुणवत्ताहीन निर्माण हो रहा है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। यदि पूरे उज्जैन जिले में बन रहे उपस्वास्थ्य केन्द्रों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये की अनियमितता उजागर हो सकती है।
पूर्व विधायक गुर्जर ने मांग की कि सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी टीम से जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते भ्रष्टाचार एवं गुणवत्ताहीन निर्माण पर रोक नहीं लगाई गई तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा तथा कांग्रेस विधायकों के माध्यम से मामले को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस महत्वपूर्ण योजना में यदि भ्रष्टाचार एवं गुणवत्ताहीन निर्माण हो रहा है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। यदि पूरे उज्जैन जिले में बन रहे उपस्वास्थ्य केन्द्रों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये की अनियमितता उजागर हो सकती है।
पूर्व विधायक गुर्जर ने मांग की कि सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी टीम से जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते भ्रष्टाचार एवं गुणवत्ताहीन निर्माण पर रोक नहीं लगाई गई तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा तथा कांग्रेस विधायकों के माध्यम से मामले को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।



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