माली की बेटी बनी विश्व विजेता, 18 साल की तपस्या से जीता रजत पदक




भारत सागर न्यूज/देवास। घर-घर जाकर माली का काम करने वाले पिता की बेटी ने विश्व मंच पर भारत का परचम लहराते हुए रजत पदक जीत लिया। देवास की शिक्षिका और योगासन खिलाड़ी भावना पाल ने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर बैक बेंड इंडिविजुअल स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया।





चार बेटियों वाले साधारण परिवार से आने वाली भावना के लिए यह सफलता आसान नहीं थी। आर्थिक चुनौतियों के बीच पिता छोटेलाल पाल ने बेटियों की पढ़ाई और सपनों को कभी रुकने नहीं दिया। उसी संघर्ष और विश्वास का परिणाम आज विश्व स्तर की इस उपलब्धि के रूप में सामने आया है।




भावना ने छठी कक्षा में योग की शुरुआत की थी। पिछले 18 वर्षों से लगातार अभ्यास करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीते और अब विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक हासिल कर लिया।




भावना बताती हैं कि जब पदक समारोह में भारत का नाम पुकारा गया तो उनकी आंखें नम हो गईं। उस पल उन्हें अपने पिता की मेहनत, संघर्ष और त्याग याद आ गया।
गौरतलब है कि 4 से 8 जून तक अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में 78 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। भावना की इस उपलब्धि से देवास ही नहीं, पूरा मध्यप्रदेश गौरवान्वित हुआ है।

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