शासकीय महाविद्यालय में व्याख्यानमाला का आयोजन




भारत सागर न्यूज/देवास। विद्यार्थियों में विषय के प्रति जागरूकता और ज्ञान संवर्धन करने के उद्देश्य से चित्रकला विभाग में सत्र 2025 26 में विषय विशेषज्ञों की व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इस श्रृंखला में 23 मई 2026 को शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, इंदौर के चित्रकला विभाग की विभागाध्यक्ष,प्राध्यापक और विषय विशेषज्ञ डॉक्टर कुमकुम भारद्वाज ने चित्रकला के विद्यार्थियों को शिल्डिंग एंड इनकरेजमेंट ऑफ़ इंडियन कल्चर इंडियन आर्ट  विषय पर व्याख्यान दिया। 




चित्रकला विभाग में आयोजित यह कार्यक्रम प्राचार्य एवं संस्था प्रमुख डॉक्टर एस पी एस राणा के मार्गदर्शन एवं आईक्यूएसी के तत्वाधान में आयोजित किया गया। विभाग में आयोजित इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत प्राचार्य एवं अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्वलन कर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। 




कार्यक्रम में महाविद्यालय के संरक्षक डॉ राणा ने अतिथियों का स्वागत किया व विद्यार्थियों को अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। प्राचार्य ने इस अवसर पर कहा कि एक शिक्षक ज्ञान का खजाना होता है वह शासकीय समय सीमा से परे भी एक शिक्षक ही रहता है, सफल विद्यार्थी वही है जो अपने शिक्षक के दिए ज्ञान को आत्मसात कर सके यही जीवन में सफलता के दरवाजे खोलने की कुंजी हैं।




बीज वक्ता डॉ भारद्वाज ने विद्यार्थियों को भारतीय लोक कलाओं में छिपे संदेशों को समझने के सूत्र दिए, उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोक और जनजातीय कलाएं अपने आकारों में,रंगों में और भावों में प्रकृति और पर्यावरण के साथ-साथ सामाजिक ताने-बाने को बुने रहती हैं और इनको सहेजने का संदेश भी देती हैं लोक कलाएं कैसे अपने आसपास बिखरी हुई सामाजिक परंपराओं को एक सूत्र में पिरोये रहती हैं। इसी श्रृंखला की दूसरी कड़ी में 30 5.2026 को शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय उज्जैन के चित्रकला विभाग की विभाग अध्यक्ष व प्राध्यापक एवं वरिष्ठ कलाकार डॉ रंजना वानखेड़े के व्याख्यान का भी आयोजन किया गया। 
डॉ वानखेड़े ने कलात्मकता में रोजगार के अवसर विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ वानखेड़े ने बताया कि कई विद्यार्थी चित्रकला विषय का चयन सिर्फ इसलिए नहीं करते हैं क्यूंकि उन्हें लगता है कि इसमें उनका क्या भविष्य होगा? किंतु कला और विशेष कर प्रदर्शनकारी कलाएं न सिर्फ अभिव्यक्ति का बल्कि रोजगार का भी एक सशक्त माध्यम है चित्रकला जैसा विषय आज भावनात्मक व कलात्मक रूप से तो प्रासंगिक है ही साथ ही व्यवसाय और ख्याति अर्जित करने के दृष्टिकोण से भी उतना ही महत्वपूर्ण है इसमें रोजगार के विभिन्न आयामों पर डॉक्टर रंजना वानखेड़े ने विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के साथ ही वाणिज्य संकाय  से डॉ मनोज मालवीय भी उपस्थित हुए। चित्रकला विभाग की विभाग अध्यक्ष डॉक्टर प्रतिमा रायकवार ने सभी अतिथि जनों का एवं विद्यार्थियों का हृदय से आभार माना।

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