21 फीट ऊंचे पुष्प-सज्जित रथ पर विराजे प्रभु, विदेशी भक्तों के साथ गूंजा देवास हरे कृष्ण महामंत्र से - भक्ति और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा
देवास। इस्कॉन देवास द्वारा मंगलवार को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। दोपहर में रामनगर स्थित रामेश्वर धाम मंदिर से प्रारंभ हुई यात्रा नयापुरा स्थित लक्ष्मी नारायण धर्मशाला पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और हरे कृष्ण, हरे राम महामंत्र के संकीर्तन से शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया।
रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण 21 फीट ऊंचा भव्य पुष्प-सज्जित रथ रहा, जिस पर भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी विराजमान थे। रथ को 15 प्रकार के ताजे एवं सुगंधित फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में भगवान के जयघोष करते हुए रथ को खींचा और जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
रथयात्रा से प्रसादी का वितरण भी किया जा रहा था। इस अवसर पर ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद के शिष्य परम पूज्य महामना प्रभु एवं प्राणेश्वर प्रभु की दिव्य उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। वहीं यूक्रेन और फिलीपींस से आए विदेशी भक्तों ने भी संकीर्तन और नृत्य के माध्यम से रथ यात्रा में भाग लेकर आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया। रथ यात्रा के समापन पर लक्ष्मी नारायण धर्मशाला में भव्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
बड़ी संख्या में शहर एवं आसपास से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर संकीर्तन में भाग लिया और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। इस्कॉन देवास ने रथ यात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया।




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