ग्राम भड़ला विकास के नाम शिर्फ कागजों में धरातल पर कुछ और बया करती हकीकत ना सड़क ना नाली विकास के नाम से डकार गए सरपंच और सचिव राशि
- ग्राम पंचायत के चार साल विकास के,,,
भारत सागर न्यूज/खाचरोद /संजय शर्मा। चार साल ग्राम पंचायत विकास ग्राम पंचायत के इस खास कवरेज के लिए आज हमारी टीम नागदा तहसील में पड़ने वाले गांव भड़ला पहुंची जहां विकास के शिरफ दावे देखे हकीकत में कुछ विकास धरातल पर दिखाई नहीं दिया ये हम नहीं यहां के रहने वाले लोगों ने बात हमें बताई जहां हमारी टीम इस खास कवरेज को करने के लिए पहुंची तो हमारी टीम को देख लोगो का हुजूम लग गया और लोगों ने गांव की समस्या को बताना शुरू कर दिया उनका कहना था की जहां एक और मुख्यमंत्री मोहन यादव शिक्षा की और ध्यान देने की बात करते है ।
वही दूसरी और यहाँ के शासकीय स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की हालत बेहद खराब है ना तो स्कूलों में पानी की सुविधा है और ना बिजली की बच्चे घर से बोतल में पानी भरकर लाते है और वही पानी पीते हैं स्कूल में बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण ना तो यहां पंखे लग पाये जिससे बच्चे भीषण गर्मी में पड़ने को मजबूर हैं बारिश में टपकती छतों से बच्चे कमरों में इधर उधर बैठकर पढ़ने को मजबूर है और आए दिन छतों से टूटते मलवे से बच्चों की जान को खतरा बना रहता है यहां शौचालय की बात करे तो शौचालय इसने खराब हो चुके है कि उनके बारे में क्या कहा जाए बच्चे बाहर जाने को मजबूर हो जाते हैं शौचालय में इतनी गंदगी है की कोई जहरीला जानवर भी छिप कर बैठे जाए तो बच्चों की जान पर बन आए स्कूल के दरवाजों की बात करे तो इतने सड़ चुके की बच्चों के साथ कोई घटना कभी भी घटित हो जाए अब बात करे बच्चों की बैठने की तो नीचे टाट बिछाकर बच्चे अपनी शिक्षा ग्रहण करते है।
गांव का विकास -
अब बात करते है गांव के अंदर हुए विकास की तो गांव के अंदर किसी भी तरह का कोई विकास देखने को नहीं मिला सड़कों पर पानी भरा हुआ नलियों की कोई व्यवस्था नहीं है सार्वजनिक शौचालय तो बना परंतु उसकी राशि निकलने के बाद आज तक वह भी कम्प्लीट नहीं हो पाया गांव वाले ग्रामीण तो इतना तक कह गए की शौचालय के नाम से राशि भी निकल गयी और उस राशि को सचिव और सरपंच डकार गए और नतीजा आज तक गांव का सार्वजनिक शौचालय नहीं बन पाया गांव के श्मशान घाट की हालत ये हो चुकी हैं अगर किसी का अंतिम संस्कार करना होता है तो पक्का रास्ता नहीं होने के कारण कीचड़ और बारिश होकर गुजरना पड़ता हैं और जहां किसी शव को जलाया जाता हैं
वहां ऊपर छत ही नहीं है जिससे कई बार शव आधे ही जल पाते है क्यों की बारिश के दिनों में पानी सीधा अर्थी पर गिरता है क्या ग्राम पंचायत के इन चार सालों में गांव ये विकास हुआ है या फिर इन सभी ग्रामीणों ने वोट देकर कोई गलती की या फिर इस खबर के संज्ञान में आने के बाद विकास होगा देखना होगा।




Comments
Post a Comment