जर्जर विद्यालय सहित चार प्रमुख मांगों को लेकर एबीवीपी का प्रदर्शन, एक माह में कार्रवाई नहीं होने पर जन आंदोलन की चेतावनी
भारत सागर न्यूज हाटपीपल्या। नगर के शासकीय उत्कृष्ट बालक विद्यालय के जर्जर भवन सहित शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चार प्रमुख मांगों को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने विद्यालय का घेराव कर मुख्य द्वार के बाहर मुख्य मार्ग पर धरना दिया और बाद में कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में परिषद ने बताया कि हाटपीपल्या नगर की आबादी लगभग 22 हजार तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र की आबादी करीब 70 हजार है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन के लिए हाटपीपल्या आते हैं। नगर के शासकीय एवं निजी विद्यालयों में लगभग 8 से 10 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन अब तक यहां शासकीय सांदीपनी विद्यालय प्रारंभ नहीं किया गया है। इसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए देवास, इंदौर सहित अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है और कई विद्यार्थी बेहतर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
परिषद ने मांग की कि नगर में शीघ्र शासकीय सांदीपनी विद्यालय प्रारंभ किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके। साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, प्रबंधन, चार्टर्ड अकाउंटेंसी तथा अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें।
ज्ञापन में शासकीय उत्कृष्ट बालक विद्यालय के जर्जर भवन को विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए उसे तत्काल ध्वस्त कर उसी स्थान पर नया सांदीपनी विद्यालय भवन निर्मित करने की मांग की गई। परिषद का कहना है कि लंबे समय से भवन की स्थिति खराब होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इसके अलावा परिषद ने शासकीय महाविद्यालय के वर्षों से अधूरे पड़े भवन निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि भवन अधूरा होने से विद्यार्थियों को अध्ययन, प्रयोगशाला, खेलकूद तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। परिषद ने शासन से निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की। एबीवीपी ने महाविद्यालय के प्रोफेसर विमल गौतम पर पूर्व में लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग भी दोहराई। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के प्रणय पांचाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों से विद्यालय भवन की दयनीय स्थिति बनी हुई है। पिछले एक वर्ष में विद्यार्थी परिषद कई बार इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष उठा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे जर्जर भवन में विद्यार्थियों का अध्ययन करना जोखिम भरा है, जिसके कारण अनेक अभिभावक मजबूर होकर अपने बच्चों को अधिक खर्च वहन कर निजी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए विवश हैं।
एबीवीपी नगर मंत्री राजवीर सिंह सेंधव ने कहा कि परिषद की सभी मांगें छात्रहित एवं जनहित से जुड़ी हैं। यदि एक माह के भीतर इन पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध जन आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि क्षेत्रीय विधायक एवं सांसद को भी भेजी गई।
धरना स्थल पर नवागत तहसीलदार दीपाली जाधव, संकुल प्रभारी तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। तहसीलदार दीपाली जाधव ने विद्यार्थी परिषद की सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उच्च अधिकारियों तक भेजने और आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित करने का आश्वासन दिया।





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