धर्मनगरी में आस्था का सैलाब: इस्कॉन और खाती समाज की रथयात्राओं से गूंजा उज्जैन
भारत सागर न्यूज/उज्जैन/ संजय शर्मा । बाबा महाकाल की नगरी आज अलौकिक भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। शहर में जहां एक ओर इस्कॉन मंदिर की 19वीं भव्य जगन्नाथ रथयात्रा ने सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा दिया, वहीं दूसरी ओर कार्तिक चौक स्थित प्राचीन जगदीश मंदिर से खाती समाज की 100 साल पुरानी पारंपरिक रथयात्रा ने इतिहास और आस्था का अद्भुत मिलन कराया। सुबह से ही शहर के मुख्य मार्ग प्रभु के जयकारों और कीर्तन की धुनों से गुंजायमान हो उठे, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा जब इंदिरा नगर चौराहे से रवाना हुई, तो प्रभु के तीन विशाल रथों को खींचने के लिए भक्तों में गजब का उत्साह देखा गया। इस्कॉन मंदिर के पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया कि इस बार रथयात्रा का मार्ग और भव्यता पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। परंपरा के अनुसार, सोने की झाड़ू से मार्ग की सफाई की गई और फूलों की वर्षा के बीच जब रथ आगे बढ़ा, तो श्रद्धालु प्रभु की एक झलक पाने को व्याकुल दिखे। इस धार्मिक आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निगम सभापति कलावती यादव ने इसे उज्जैन की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर धर्मनगरी में निकल रही यह रथयात्रा उज्जैन की पहचान को और अधिक गौरवशाली बना रही है। आगर रोड से देवास रोड स्थित महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ तक निकली यह यात्रा भक्ति और अनुशासन का एक अनूठा उदाहरण पेश कर रही थी।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लोकेंद्र मेहता ने इस रथयात्रा के दौरान भक्तों के विशाल हुजूम और उनके जोश को अद्वितीय करार दिया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में भक्तों का एकत्रित होना प्रभु के प्रति अटूट आस्था को दर्शाता है। वहीं, खाती समाज की पारंपरिक यात्रा में भी लोगों का तांता लगा रहा, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी शामिल होकर आशीर्वाद लिया और सामाजिक समरसता का बड़ा संदेश दिया। भाजपा नगर महामंत्री कमल बैरवा ने इस आयोजन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज पूरा शहर भक्ति के महासागर में गोते लगा रहा है और धर्मनगरी की गलियों में बस प्रभु जगन्नाथ के नाम का ही जयघोष सुनाई दे रहा है। उन्होंने रथयात्रा के दौरान की गई व्यवस्थाओं और भक्तों के अनुशासन की भी जमकर सराहना की, जिससे यात्रा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।
कांग्रेस पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत भरत पोरवाल ने भी इस यात्रा को आस्था का महाकुंभ बताया और कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन ही समाज में एकता और प्रेम का भाव जागृत करते हैं। उन्होंने यात्रा के भव्य स्वरूप की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज शहर के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर इसमें अपनी सहभागिता दर्ज कराई है, जिससे पूरा वातावरण ही सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा है।
इस्कॉन मंदिर में अब नौ दिवसीय महोत्सव का आगाज हो चुका है, जो 24 जुलाई तक चलेगा। इन दिनों में भागवत कथा, छप्पन भोग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महाप्रसाद का वितरण होगा। 24 जुलाई को बहुड़ा यात्रा के साथ इस भव्य उत्सव का समापन होगा। तब तक धर्मनगरी जगन्नाथ संस्कृति की भक्ति में डूबी रहेगी और मंदिर प्रबंधन ने अधिक से अधिक संख्या में भक्तों को पधारने का आग्रह किया है।





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