नागदा जिला गठन में देरी पर पूर्व विधायक का आरोप– सरकार जनता की भावनाओं से कर रही खिलवाड़
भारत सागर न्यूज/नागदा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा नागदा को जिला बनाने की मांग नही रखने के कारण माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा परिसीमन आयोग की आड लेकर जिले के मामले को पुनः टाल देने से क्षेत्र की जनता में एक निराशा का माहौल पैदा हुआ है।पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र की अन्य छोटी-छोटी मांगें जिस मजबूती के साथ प्रस्तुत की गईं, यदि उसी प्रकार नागदा को जिला बनाने की मांग विधायक एवं सांसद द्वारा रखी जाती तो निश्चित रूप से मुख्यमंत्री इस संबंध में कोई सकारात्मक आश्वासन देकर जाते। नागदा जिला गठन का विषय केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की वर्षों पुरानी जनभावना और विकास से जुड़ा प्रश्न है।
जहां तक परिसीमन आयोग का सवाल है शासन द्वारा 12 मार्च 2024 को मध्यप्रदेश प्रशासनिक आयोग पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया था जिसे अपने एक वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश का दौरा कर अपनी अनुशंसाएं शासन को देनी थी परंतु आयोग के गठन हुए 2 वर्ष से अधिक समय हो चुका है और दो बार दिनांक 04 दिसम्बर 2025 व 26 फरवरी 2026 को विधानसभा प्रश्न के उत्तर में राजस्व मंत्री द्वारा बताया कि शीघ्र उज्जैन जिले का दौरा किया जाएगा परंतु आज दिनांक तक उज्जैन जिले का दौरा आयोग द्वारा नही किया गया है जबकि मेरे द्वारा शीघ्र उज्जैन जिले का दौरा करने हेतू परिसीमन आयोग को पत्र भी प्रेषित कर चुका हूं।
नागदा को जिला बनाने की प्रारंभिक सूचना तीन वर्ष पूर्व दिनांक 28 जुलाई 2023 को जारी की गई थी दावें/आपत्तियों के निराकरण के पश्चात अंतिम गजट अधिसूचना जारी करने के बजाय डेढ वर्ष पश्चात दिनांक 27 मार्च 2025 को नागदा को नवीन जिला बनाए जाने का प्रकरण आयोग को नियम विरूद्ध प्रेषित कर दिया गया। नागदा जिला गठन की प्रारंभिक अधिसूचना परिसीमन आयोग की अधिसूचना से पहले जारी हो चुकी थी सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के विभिन्न निर्णयों तथा मध्यप्रदेश शासन के नियमों के अनुसार जिला गठन की प्रक्रिया पर परिसीमन आयोग की अधिसूचना का भूतलक्षी प्रभाव नही होता है। ऐसे में परिसीमन का हवाला देकर जिला गठन रोकना केवल जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
यह बडी विडाम्बना की बात है नागदा जिला बनाने की अधिसूचना के साथ-साथ तीन अन्य नवीन जिले मैहर, पार्ढुना, मऊगंज की अधिसूचना जारी होकर जिले बन चुके है जब नागदा जिला बनाने की अधिसूचना को जानबुझकर लंबित रखा गया है नागदा को जिला बनाने की मांग किसी राजनैतिक दल की नही पुरे क्षेत्र की आंकाक्षा है जो आने वाली पीढियों का भविष्य तय करेगी यदि जिला बनता है तो प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ होगी शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, उद्योग आदि सेवाओं का विस्तार होगा जिससे क्षेत्र के नागरिकों अन्यंत्र जिलों में विभिन्न सेवाओं के लिए नही जाना पडेगा।पूर्व विधायक गुर्जर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नागदा जिला गठन की तीन वर्ष से लंबित अंतिम राजपत्र अधिसूचना तत्काल जारी कर क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जनभावना का सम्मान किया जाए तथा प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग के नाम पर इस प्रक्रिया को और अधिक लंबित न रखा जाए।




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