समान नागरिक संहिता लागू नहीं, समान आर्थिक संहिता लागू की जाए : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी




भारत सागर न्यूज/देवास। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन के नाम विस्तृत मांगपत्र सौंपा। जिला सचिव कैलाश सिंह राजपूत ने बताया कि पार्टी की मांग है कि मध्य प्रदेश में "समान नागरिक संहिता" लागू नहीं की जाए, बल्कि प्रदेश में "समान आर्थिक संहिता" लागू की जाए। पार्टी का कहना है कि गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, कुपोषण एवं खस्ता आर्थिक स्थिति से जूझ रहे मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता अनावश्यक, विसंगत एवं अंतर्विरोधों से ग्रस्त है। भाकपा ने अपने मांगपत्र में कहा कि "समान नागरिक संहिता" केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है और यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। पार्टी का कहना है कि भारत का सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप बहुआयामी तथा विविधताओं से युक्त है, जो देश की विशिष्ट पहचान है। इन विविधताओं की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक एवं सरकार का दायित्व है।







 मांगपत्र में आरोप लगाया गया कि मध्य प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता लागू कर अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित एवं अपमानित करना चाहती है। पार्टी ने इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे से जोड़ते हुए कहा कि इससे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण बढ़ेगा तथा समाज में तनाव और कटुता उत्पन्न होगी। साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार द्वारा व्यापक जनपरामर्श का दावा भ्रामक है। भाकपा ने मांग की थी कि समान नागरिक संहिता का प्रारूप प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाए तथा जिला एवं राज्य स्तर पर सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाकर चर्चा की जाए, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया और अपनी मनमर्जी का प्रारूप जनता पर थोप दिया। भाकपा ने मध्य प्रदेश गृहनिर्माण मंडल से जुड़े श्रमिकों के आवास का मामला भी उठाया। मांगपत्र में कहा गया कि वर्ष 1978 से 1981 के बीच देवास के जवाहर नगर स्थित 62 एलआईजी आवास श्रमिकों के लिए भाड़ा क्रय योजना के तहत बनाए गए थे।



गजरा गियर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा श्रमिकों के वेतन से किश्त एवं महंगाई भत्ता काटा गया, लेकिन राशि हाउसिंग बोर्ड में जमा नहीं कराई गई। बाद में कंपनी ने उन्हीं भवनों का अपने नाम पंजीयन करा लिया, जो नियमों के विपरीत है। पार्टी ने इन भवनों का पंजीयन निरस्त कर श्रमिकों के नाम करने तथा जिन श्रमिकों से मकान खाली करवा लिए गए हैं, उन्हें पुनः कब्जा दिलाने की मांग की। मांगपत्र में नगर निगम देवास द्वारा पिछले सात-आठ महीनों से प्रमुख सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें समतल नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। पार्टी ने कहा कि बारिश के मौसम में सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ मार्ग दुर्घटनाओं एवं जनहानि का कारण बन सकते हैं। इसलिए सभी सड़कों को शीघ्र समतल कराया जाए।





 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने शिक्षा विभाग द्वारा लगभग एक लाख सरकारी विद्यालय बंद किए जाने तथा कई विद्यालयों को सांदीपनी एवं प्रधानमंत्री विद्यालयों में मर्ज किए जाने का भी विरोध किया। पार्टी का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इसलिए बंद किए गए सभी विद्यालयों को पुनः प्रारंभ किया जाए। मांगपत्र में पश्चिम बंगाल के रानीगंज में महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 9 फीट ऊंची प्रतिमा तोड़े जाने की घटना की निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा प्रतिमा को पुनः स्थापित करने की मांग की गई। वहीं दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा करते हुए पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित केंद्र सरकार से इस्तीफे की मांग की। अंत में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मुख्यमंत्री से जनहित एवं मानवीय आधार पर मांग की कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के बजाय समान आर्थिक संहिता लागू की जाए तथा मांगपत्र में शामिल सभी जनहित संबंधी मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

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