विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर संगोष्ठी आयोजित, वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर भी हुआ विशेष विमर्श
भारत सागर न्यूज/देवास। स्थानीय केपी कॉलेज में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों, उससे जुड़े दर्दनाक घटनाक्रम तथा उससे मिलने वाली सीख पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभक्ति से जुड़े महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
आयोजन के दौरान विभाजन विभीषिका पर प्रदर्शनी भी लगाई गई। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता कपिल सिंह पवार ने अपने उद्बोधन में भारत विभाजन की त्रासदी, लाखों लोगों के विस्थापन, सामाजिक परिस्थितियों तथा राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें इतिहास की उन घटनाओं को स्मरण कर राष्ट्र की अखंडता एवं सामाजिक समरसता को बनाए रखने की प्रेरणा देता है। महाविद्यालय की प्राध्यापक सीमा सोनी ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इसके इतिहास, साहित्यिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर नवीन सोलंकी, मनीष जैन एवं महेश चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रहित, सामाजिक एकता एवं संविधान के मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। संचालन गौतम पंचोली ने किया, जबकि अंत में राजवर्धन यादव ने उपस्थित अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



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