165 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा से उज्जैन में गूंजा धर्म जागरण और नशामुक्ति का संदेश, विधायक गोलू शुक्ला ने किया महाकाल का जलाभिषेक
भारत सागर न्यूज/उज्जैन।श्रावण मास के पावन अवसर पर महाकाल की नगरी में भक्ति, आस्था और संकल्प का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहाँ करीब 165 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया। कंधे पर माँ नर्मदा का जल और जुबां पर हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दरबार की ओर बढ़े। इस विशाल यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में धर्म जागरण का प्रसार करने के साथ-साथ युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ना और समाज को स्पष्ट रूप से नशामुक्ति का संदेश देना है, जिसमें दिव्यांग और बुजुर्गों की भी सहभागिता रही।
कांवड़ यात्रा के आयोजक एवं विधायक गोलू शुक्ला ने बताया कि वे पिछले 24 वर्षों से लगातार महेश्वर से माँ नर्मदा का जल लेकर उज्जैन आ रहे हैं और बाबा महाकाल का जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने यात्रा के दौरान कड़ा संदेश देते हुए कहा कि युवाओं को हर हाल में नशे से दूर रहना चाहिए और जितना अधिक हो सके संस्कृति व धर्म से जुड़ना चाहिए, ताकि वे अपने बेहतर भविष्य के साथ समाज व राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभा सकें। उनके अनुसार आज बाबा की कृपा से कांवड़ यात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इस भव्य यात्रा के उज्जैन पहुंचने पर जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया। भाजपा नेता कपिल पांचाल ने बताया कि चामुंडा माता चौराहे पर विधायक गोलू शुक्ला और हजारों कांवड़ यात्रियों का भगवा दुपट्टा पहनाकर व पुष्प वर्षा कर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। इस दौरान यात्रा में एक क्विंटल वजनी और 21 फीट लंबी पुष्प माला क्रेन के माध्यम से पहनाकर विशेष सम्मान किया गया, ताकि धर्म की इस अलख और नशामुक्ति के अभियान को और अधिक मजबूती मिल सके।
यात्रा के दौरान आयोजकों ने दोहराया कि यह कांवड़ यात्रा केवल जल चढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को बुरी आदतों और नशे से मुक्त कराने का एक बड़ा माध्यम है। अंत में माँ नर्मदा के पवित्र जल से बाबा महाकाल का जलाभिषेक संपन्न हुआ, जिसके साथ ही प्रदेश की सुख-समृद्धि और देश के विश्वगुरु बनने की प्रार्थना की गई।




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