ईपीएस-1995 पेंशनरों ने सांसद को सौंपा ज्ञापन, पेंशन वृद्धि नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
भारत सागर न्यूज/देवास। मध्यप्रदेश औद्योगिक पेंशनर संघ ने प्रदेशव्यापी अभियान के तहत रविवार को देवास-शाजापुर सांसद के सिविल लाइन स्थित कार्यालय पहुंचकर ईपीएस-1995 पेंशनरों की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा संघ कार्यवाहक अध्यक्ष शशिकांत वझे ने बताया कि प्रदेश के आव्हान पर देशभर में सांसदों को ज्ञापन देकर ईपीएस-1995 पेंशनरों को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। इसी क्रम में देवास-शाजापुर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी को ज्ञापन सौंपकर पेंशनरों की समस्याओं से अवगत कराया गया।
माखन सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष गिरधारीलाल शर्मा, महामंत्री पदमाकर जोशी ने कहा कि वर्ष 2021 में लोकसभा और राज्यसभा में ईपीएस-1995 पेंशनरों की पेंशन वृद्धि का मुद्दा कई सांसदों ने उठाया था। उनका दावा है कि न्यूनतम एक हजार रुपये पेंशन की घोषणा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 से पहले न्यूनतम तीन हजार रुपये पेंशन और उसे महंगाई भत्ते (डीए) से जोड़ने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया।
संघ के अनुसार, राज्यसभा की एक समिति ने भी न्यूनतम तीन हजार रुपये पेंशन तथा उसे डीए से जोड़ने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद अब तक इस पर अमल नहीं किया गया। गिरधर शर्मा ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत कई बार जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। संघ ने यह भी कहा कि विभिन्न सांसदों ने संसद में ईपीएस-1995 पेंशन वृद्धि का मुद्दा लगातार उठाया है, लेकिन पेंशनरों को अब तक राहत नहीं मिल सकी।
ज्ञापन में मांग की गई है कि केंद्र सरकार चालू संसद सत्र में ईपीएस-1995 पेंशनरों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और उसे महंगाई भत्ते से जोड़ने की घोषणा करे। अन्यथा पेंशनरों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। संघ के सदस्यों की समस्या सुनने के बाद सांसद सोलंकी ने आश्वासन दिया कि वें उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे और शीघ्र पूरा करने का अनुरोध करेंगे।




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