विश्व मूलनिवासी आदिवासी दिवस 2026 खाचरोद में निकली भव्य रैली

 




भारत सागर न्यूज/खाचरोद। नगर मे रविवार को विश्व मूलनिवासी आदिवासी दिवस के अवसर पर खाचरोद में सामाजिक जागरूकता और अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल से प्रारंभ हुई और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुराने बस स्टैंड, चबूतरा चौराहा, उज्जैन दरवाजा से होकर धान मंडी, खाचरोद पहुंची, जहां रैली का समापन किया गया। रैली के दौरान लोगों ने मूलनिवासी आदिवासी समाज के अधिकारों, सामाजिक समानता और आर्थिक समानता को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। इस आयोजन का उद्देश्य केवल रैली निकालना नहीं था, बल्कि समाज को यह समझाना भी था कि विश्व मूलनिवासी आदिवासी दिवस क्यों मनाया जाता है और इसका ऐतिहासिक एवं सामाजिक महत्व क्या है। रैली के समापन अवसर पर आयोजित सभा में बहुजन महापुरुषों की विचारधारा और उनके द्वारा बताए गए सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों के रास्ते पर विस्तार से चर्चा की गई।सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार राठौर ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने संवैधानिक अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है।



साथ ही आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन, शिक्षा, रोजगार, प्रतिनिधित्व और सम्मानजनक जीवन से जुड़े मुद्दों पर भी विचार रखे गए। सभा में भारतीय संविधान में आदिवासी क्षेत्रों और समुदायों के संरक्षण के लिए किए गए प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।विशेष रूप से पांचवीं अनुसूची और छठी अनुसूची के महत्व को समझाया गया तथा आदिवासी समाज को अपने संवैधानिक अधिकारों और प्रावधानों के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया गया। राकेश राठौर ने कहा कि अधिकारों की जानकारी ही अपने हक की रक्षा की पहली सीढ़ी है। इस अवसर पर आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और पहचान को बचाने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने पर भी विशेष चर्चा की गई।



राठौर ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से होती है। इसलिए आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और सम्मान बेहद जरूरी है कार्यक्रम में सामाजिक समानता, आर्थिक समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार को लेकर भी विचार रखे गए। जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति समान अवसर और सम्मान के साथ आगे नहीं बढ़ता, तब तक वास्तविक सामाजिक न्याय की स्थापना संभव नहीं है। खाचरोद में आयोजित विश्व मूलनिवासी आदिवासी दिवस का यह कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता, संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी समाज की भाषा-संस्कृति के संरक्षण का संदेश देता नजर आया।





यह आयोजन इस बात की याद दिलाता है कि अपने इतिहास, अधिकार, संविधान, संस्कृति और पहचान को समझना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसी संदेश के साथ खाचरोद में विश्व मूलनिवासी आदिवासी दिवस 2026 का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जय आदिवासी संगठन (जयस)खाचरोद की पूरी टीम के साथी के द्वारा किया गया कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार राठौर गोविंद डायना, लखन मालावत नरसिंह खोखरिया मनोहर खेर, दीपक मालावत मुकेश व कई साथी मौजूद थे



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