अचलूखेड़ी पंचायत में 4.40 लाख के कार्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग




भारत सागर न्यूज/देवास। जिले की ग्राम पंचायत अचलूखेड़ी में शासन की राशि के दुरुपयोग एवं विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाते हुए उप सरपंच, पंच एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर के नाम शिकायत प्रस्तुत कर पूरे मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है। शिकायत में वर्ष 2023-24 में मनरेगा के तहत स्वीकृत एवं दर्ज विभिन्न ड्रेनेज कार्यों में करीब 4 लाख 40 हजार 197 रुपए की राशि के गबन का आरोप लगाया गया है। आवेदन में शिकायतकर्ताओं के अनुसार मोहन के खेत से रमेश के खेत तक ड्रेनेज केनाल के लिए 5,304 रुपए, श्मशान वाले नाले पर 62,543 रुपए, काकड़ क्षेत्र में ड्रेनेज केनाल के लिए 1,14,885 रुपए, रमेश के खेत से गब्बू के खेत तक 42,432 रुपए, ओमप्रकाश के ड्रेनेज केनाल के लिए 15,249 रुपए, कमलाबाई के खेत से गंगाराम के खेत तक 1,19,340 रुपए तथा वृक्षारोपण बाड़ी के पास नाले के कार्य के लिए 80,444 रुपए की राशि स्वीकृत/व्यय दर्शाई गई है। 



आरोप है कि इन कार्यों में कई काम मौके पर पूर्ण नहीं हुए अथवा कार्य की स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज राशि में अंतर है। शिकायत में ग्राम पंचायत में बनाई गई बाल वाटिका के कार्य को भी अधूरा बताया गया है। वहीं शासकीय प्राथमिक विद्यालय में बनाई गई बाउंड्रीवॉल को लेकर आरोप है कि आसपास पर्याप्त स्थान छोड़कर निर्माण किया गया है। ग्रामीणों ने स्कूल के बोरवेल की मोटर, बच्चों के पानी की मोटर तथा पीएचई विभाग की जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी सामग्री के क्षतिग्रस्त होने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बाल वाटिका निर्माण के दौरान जेसीबी चलाने से पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे आज तक दुरुस्त नहीं कराया गया। साथ ही ग्राम की नल-जल योजना का लाभ भी लंबे समय से बंद होने का आरोप लगाया गया है।




 शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नल-जल योजना का कार्य अधूरा होने के बावजूद सरपंच द्वारा योजना को हैंडओवर कर लिया गया। उपसरपंच भारत सिंह राठौड़ एवं ग्रामवासियों द्वारा स्पष्ट रूप से आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद हैंडओवर लिए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार 15 अगस्त को आयोजित ग्रामसभा में सरपंच ने बताया कि जिलाधीश के दबाव के कारण उन्होंने नल-जल योजना को हैंडओवर किया था। वहीं, आज दिनांक तक पंचों के मानदेय का भुगतान नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर सरपंच एवं संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने तथा यदि शासकीय राशि का गबन प्रमाणित हो तो राशि ब्याज सहित वसूल कर पद से प्रथक करने की मांग की है। इस दौरान उपसरपंच भारत सिंह सहित पंच मोहन सिंह, रमेशचंद्र, हीरासिंह, तेजकरण शर्मा, विनोद, मानसिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।






सरपंच पुत्र ने आरोपों पर दी सफाई-

 मामले में सरपंच पुत्र श्यामलाल से फोन पर चर्चा की गई तो उन्होंने आरोपों को लेकर कहा कि पूर्व सरपंच निहाल सिंह के कार्यकाल वर्ष 2021-22 के जो कार्य बकाया थे, उनकी सीसी (पूर्णता प्रमाण-पत्र) वर्ष 2023-24 में जारी हुई है। शिकायत में बताए गए सभी कार्य पूर्व सरपंच के समय के हैं।

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