1.5 किमी जर्जर मार्ग बना ग्रामीणों की मुसीबत, गड्ढों में तब्दील सडक़ पर रोज हो रहे हादसे
भारत सागर न्यूज/देवास। जिले की हाटपीपल्या विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत उज्जैन रोड बायपास पर स्थित ग्राम भीमसी के ग्रामीण लंबे समय से जर्जर सडक़ की समस्या से परेशान हैं। गांव देवास शहर की सीमा से करीब 9 किलोमीटर दूर तथा देवास-उज्जैन हाईवे से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सडक़ की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदारों से शीघ्र मार्ग का निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को मुख्य मार्ग से जोडऩे वाला करीब 1.5 किलोमीटर का रास्ता पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
सडक़ की स्थिति इतनी खराब है कि इस मार्ग से निकलने में वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार प्रतिदिन एक-दो वाहन चालक गड्ढों के कारण गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं, वहीं कई वाहनों में खराबी आ जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आजादी के 80 वर्ष पूर्ण होने के बावजूद गांव की सडक़ की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि अब तक इस मार्ग का वास्तविक रूप से केवल एक बार ही निर्माण हुआ है, जबकि कागजों में कई बार सडक़ निर्माण होने की बात सामने आती रही है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि सडक़ निर्माण के नाम पर योजनाएं और दावे किए जाते रहे हैं तो जमीनी स्तर पर सडक़ की हालत इतनी बदतर क्यों है? ग्रामीणों ने बताया कि समस्या केवल सडक़ तक सीमित नहीं है। डेढ़ किलोमीटर के इस मार्ग को पार करने में सामान्य दिनों में भी करीब 10 से 15 मिनट का समय लग जाता है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक मनोज चौधरी पर भी सडक़ समस्या के समाधान में गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक को कई बार सडक़ की बदहाली से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक चुनाव के समय अथवा गांव में किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आते हैं, लेकिन वर्षों पुरानी सडक़ की समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो सका। खराब सडक़ के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि मार्ग का जल्द से जल्द निर्माण कराकर नाली एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सडक़ निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आगामी दिनों में ग्रामीणों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि सडक़ निर्माण का कार्य धरातल पर दिखाई देना चाहिए।




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