भारतीय समाज , व्यसन एवं अंधविश्वास से ग्रसित है
भारत सागर न्यूज/देवास। चिंतन ,चरित्र और व्यवहार ही जीवन का आधार है। जीवन शैली का बिगड़ना ही व्यक्ति के पतन का कारण बनता है। गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा निर्मित युग निर्माण सत्संकल्प ही मंगलमय विश्व का आधार है। भारत बचेगा तो विश्व बचेगा, भारत नहीं बचेगा तो विश्व भी नहीं बचेगा। भारत को बचाने के लिए बचपन को प्रबुद्ध, युवा को शुद्ध और बुढ़ापे को सिद्ध करना पड़ेगा।
यह विचार अखिल भारतीय गायत्री परिवार द्वारा आयोजित एक दिवसीय अमृतवाणी सत्संग में श्री राम शरणम् आश्रम देवास के इंद्र सिंह नागर ने कालियादेह हरिहर आश्रम बरोठा में व्यक्त किये। श्री नागर ने युग निर्माण सत्संकल्प (नवयुग का संविधान) के 18 बिंदुओं पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर सबके हृदय में निवास करते हैं, सबको नियम से चलाते हैं। प्रभु न्यायकारी हैं, हम उसके अनुशासन को माने और उसकी कृपा पाए। कर्म का हिसाब होता है लेकिन कृपा बेहिसाब होती हैं ।
शरीर भगवान का मंदिर है यही समझ कर सात्विक जीवन जीए और व्यसन से दूर रहे, भगवान को जो वस्तु नहीं चढ़ाई जा सकती उसे हम भी ना खाए पीये। मन को ठीक रखने के लिए स्वाध्याय करें और सत्संग करें ।इंद्रिय संयम हेतु नियमित नाम सिमरन करें। समाज ,धर्म और राष्ट्र के लिए समय निकाले। मर्यादा का पालन करें। भक्त भीरू नहीं होता निडर होता है ,वीर बनो।स्वच्छता का ध्यान रखें, अंदर की स्वच्छता का ज्यादा ध्यान रखें। परिवार और समाज को धर्म से जोड़े सत्संग से जोड़े। एक दीपक हजारों दीपक जला सकता है। धन नीति से कमाए। हमारा आचार विचार और उच्चार श्रेष्ठ हो । संसार में सत्प्रवृत्तियों के पुण्य प्रसार के लिए कमाई का एक अंश नियमित रूप से लगाते रहे। गलत परंपराओं से मुक्ति पाए। भारतीय समाज बुराई बीमारी और अंधविश्वास से ग्रस्त हैं, इससे समाज को मुक्त करने के लिए लाखों सेवकों की जरूरत है।
समाज, जाति संप्रदाय के भेदभाव से कमजोर हैं इसलिए दुर्जन संगठित है, सज्जन संगठित नहीं है ,यह संकेत भयानक है। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं श्री राम शरणम आश्रम के सैकड़ो साधकों ने भाग लिया। गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वय प्रमोद निहाले ने व्यसन मुक्ति पर अपने विचार व्यक्त किये। अंत में नागर जी द्वारा मंदिर परिसर में पारिजात के वृक्ष का रोपण किया गया। कार्यक्रम का संचालन व्यसन मुक्ति एवं कुरीति उन्मूलन कार्यक्रम के जिला प्रभारी डॉ रूपसिंह नागर सुल्पाखेड़ा ने किया।अतिथियों का स्वागत संजय चौधरी मोरुखेड़ी एवं आभार व्यक्त दिनेश चौधरी (सर) मोरुखेड़ी ने किया।




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