शिवसेना ने जनसुनवाई में आवेदन देकर की जांच की मांग कलेक्टर ने गंभीरता दिखाते हुए डिप्टी कलेक्टर को सौंपी जांच

 


भारत सागर न्यूज/देवास। जिला चिकित्सालय (एमजी अस्पताल) में रोगी कल्याण समिति के खाते से वर्ष 2024-25 में जनरेटर संचालन के लिए ₹5 लाख 68 हजार 573 की डीजल खरीदी को लेकर सवाल उठे हैं। शिवसेना के राज्य महासचिव एवं देवास जिलाध्यक्ष सुनील वर्मा ने मामले में उपलब्ध शासकीय अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उन्होंने अपर कलेक्टर संजीव कुमार जैन से मुलाकात कर संबंधित दस्तावेज एवं तथ्यों से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर को जांच सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सुनील वर्मा ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त दस्तावेजों में डीजल खरीदी, जनरेटर संचालन एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित रिकॉर्ड में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनका आपस में मिलान किया जाना आवश्यक है।




 उन्होंने कहा कि जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। शिवसेना के अनुसार वर्ष 2024-25 में रोगी कल्याण समिति के खाते से ₹5,68,573 की डीजल खरीदी दर्ज है। संगठन ने डीजल खरीदी के बिल, भुगतान वाउचर, डीजल स्टॉक रजिस्टर, जनरेटर लॉगबुक, वास्तविक डीजल खपत तथा संबंधित पेट्रोल पंप के बिक्री रिकॉर्ड का बिंदुवार मिलान कराने की मांग की है। वहीं विद्युत मंडल के रिकॉर्ड में कुछ अवसरों पर विद्युत आपूर्ति बाधित होने की अवधि कुछ मिनट दर्ज है, जबकि जनरेटर लॉगबुक में कुछ मौकों पर दो से तीन घंटे तक जनरेटर संचालन दर्ज होने की बात सामने आई है। ऐसे में विद्युत आपूर्ति रिकॉर्ड और जनरेटर लॉगबुक का मिलान कर वास्तविक स्थिति की जांच किए जाने की मांग की गई है। अस्पताल परिसर में स्थापित सोलर संयंत्र को देखते हुए शिवसेना ने सौर ऊर्जा उत्पादन, विद्युत मंडल से प्राप्त बिजली, बिजली बिलों में दर्ज खपत, जनरेटर संचालन और डीजल खपत का भी आपसी मिलान कराने की मांग की है। सुनील वर्मा ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने का विषय नहीं है, बल्कि जनहित और सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़ा मामला है। उपलब्ध शासकीय अभिलेखों में सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। 



उन्होंने जांच के दौरान रोगी कल्याण समिति के खाते का विवरण, डीजल खरीदी एवं भुगतान अभिलेख, जनरेटर लॉगबुक, डीजल स्टॉक रजिस्टर, पेट्रोल पंप के बिक्री रिकॉर्ड, विद्युत मंडल के आपूर्ति अभिलेख, बिजली बिल, सोलर संयंत्र के रिकॉर्ड तथा रोगी कल्याण समिति के खाते से हुई अन्य खरीदी का भी परीक्षण एवं आपसी मिलान कराने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित मूल अभिलेख सुरक्षित रखने तथा यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय या प्रक्रियात्मक अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने एवं अनुचित भुगतान पाए जाने पर राशि की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

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