संत रामपाल जी महाराज की 'अन्नपूर्णा मुहिम' बनी बेसहारा का सहारा

 



भारत सागर न्यूज/देवास। ग्राम बावड़ीखेड़ा तहसील कन्नौद, की सुमन बाई मरकाम उम्र 49 वर्षीय बेसहारा विकलांग सुमन बाई मरकाम के जीवन में उस समय उम्मीद की नई किरण जगी, जब संत रामपाल महाराज द्वारा संचालित 'अन्नपूर्णा मुहिम' के अंतर्गत सेवादार उनके घर सहायता सामग्री लेकर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, सुमन बाई के पति की मृत्यु अगले वर्ष हो गई थी तब से वे अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण का पूरा दायित्व अकेले निभा रही है। बढ़ती उम्र और विकलांग जैसी गंभीर समस्या के बावजूद वे 600 रु मासिक विधवा पेंशन में बच्चों का पालन पोषण करने में विवश थीं। आर्थिक तंगी के बीच उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन अब तक उन्हें विधवा पेंशन के लावा अन्य आवश्यक सहायता प्राप्त नहीं हो सकी। सुमन बाई की इस दयनीय स्थिति की जानकारी मिलने पर संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से



संचालित 'अन्नपूर्णा मुहिम' के सेवादार उनके घर पहुंचे और परिवार को राशन सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। इस सहायता से परिवार को तत्काल राहत मिली और उनके चेहरे पर लंबे समय बाद मुस्कान लौट आई। स्थानीय ग्रामीणों ने इस मानवीय सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में जरूरतमंद और असहाय लोगों के लिए आशा की किरण



है। वहीं सेवादारों ने बताया कि संत रामपाल महाराज की प्रेरणा से संस्था बिना किसी जाति, धर्म या भेदभाव के जरूरतमंद परिवारों तक निरंतर सहायता पहुंचाने के लिए संकल्पित है। 'अन्नपूर्णा मुहिम' के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी देशभर में जरूरतमंद, असहाय एवं गरीब परिवारों तक खाद्य सामग्री और आवश्यक सहायता पहुंचाकर मानव सेवा का कार्य निरंतर कर रहे है।

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