नागदा में नई रेल लाइन का गरमाया मामला: प्रभावित किसानों और व्यापारियों ने सांसद कार्यालय का किया जोरदार घेराव
भारत सागर न्यूज/उज्जैन। नागदा क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई रेल कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित नई रेल लाइनों का विरोध अब खुलकर सड़कों पर उतर आया है। मंगलवार को नागदा के सैकड़ों किसान और ईंट भट्टा संचालक आक्रोशित होकर उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया के कार्यालय पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे की इस नई बायपास लाइन योजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी जमीन व आजीविका बचाने के लिए मोर्चा खोल दिया।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, मुंबई से आने वाली मालगाड़ियों के लिए शहर के बाहर एक नया बायपास ट्रैक बनाया जाना है, जो सीधे दिल्ली मार्ग से जुड़ेगा। इसके लिए 75 प्रतिशत निजी और 25 प्रतिशत सरकारी जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस नए ट्रैक की वजह से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले तीन हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसमें किसानों की उपजाऊ जमीनें, ईंट भट्टे, आवासीय कॉलोनियां, दुकानें और नई मंडी का गेट भी शामिल है।
हंगामा बढ़ता देख सांसद अनिल फिरोजिया ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराते हुए उचित आश्वासन दिया है। सांसद ने स्पष्ट किया कि नागदा के लोगों की इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी। साथ ही, इस पूरे मामले की जानकारी रेलवे के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाकर प्रभावितों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे, जिससे जनता को बड़ी राहत मिल सके।



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