शिक्षक लक्ष्मण प्रसाद शर्मा हाई स्कूल अमोना से हुए सेवानिवृत्त
भारत सागर न्यूज/देवास। लक्ष्मण प्रसाद शर्मा उच्च श्रेणी शिक्षक का शासकीय हाई स्कूल अमोना से सेवानिवृत्त होने पर सभी अतिथि,शिक्षक साथी और छात्र -छात्रा भावुक हुए। शर्मा ने संस्कृत की शिक्षा धर्म संघ विश्वविद्यालय चुरू राजस्थान से और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी उत्तरप्रदेश से प्राप्त की। संस्कृत के प्रकांड विद्वान होने के साथ ही आप योग कर्मकाण्ड, आध्यात्म, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का भी विशेष ज्ञान रखते हैं। वर्ष 1986 से अभी तक 40 वर्षों से शासकीय प्राथमिक विद्यालय गोरवा, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय टोंकखुर्द और शासकीय हाई स्कूल अमोना में अपनी निष्ठावान सेवाएँ दे रहे वरिष्ठ शिक्षक लक्ष्मण प्रसाद शर्मा के 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने पर एक भव्य एवं गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन अमोना मे सम्पन्न हुआ।
विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्था के समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि जगन्नाथ डामेचा बीईओ टोंकखुर्द, रणधीरसिंह खींची सहायक बीईओ टोंकखुर्द एवं संस्था प्राचार्य जे.पी. कुजुर और सहकर्मियों ने साफा बांधकर, पुष्पगुच्छ, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर लक्ष्मण प्रसाद शर्मा का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनके साथ बिताए समय की अपनी-अपनी यादें साझा की। समारोह के दौरान स्कूल के प्राचार्य जेपी कुजुर ने कहा कि लक्ष्मण प्रसाद शर्मा का संपूर्ण कार्यकाल निष्कलंक और महत्वपूर्ण रहा है । उनका योगदान इस विद्यालय के लिए अद्वितीय और अविस्मरणीय रहेगा । उन्होंने न केवल छात्रों को किताबी ज्ञान दिया, बल्कि शिक्षकों को भी जीवन के सही मूल्य सिखाए। आपने संस्कृत विषय के साथ-साथ सामाजिक विज्ञान विषय भी बहुत ही अच्छी तरह से छात्रों को पढ़ाया । उनकी प्रतिपूर्ति कोई नहीं कर सकता । हमें उनके शैक्षणिक कार्यों का सदैव स्मरण रहेगा और विद्यालय परिवार उनका सदैव ऋणी व आभारी रहेगा ।
विद्यार्थियों ने उनके सम्मान में विदाई गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। कई छात्र अपने प्रिय शिक्षक की विदाई के इस क्षण में भावुक और अश्रुपूरित नज़र आए। अपने विदाई भाषण में लक्ष्मण प्रसाद शर्मा ने विद्यालय परिवार, प्रबंधन और सभी विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा देना केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि एक अनवरत ज्ञान साधना है जो हर किसी के भाग्य में नहीं होती। इस विद्यालय से मिला प्यार और सम्मान उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी है। शिक्षक होना ही अपने आप को गौरवान्वित महसूस करने वाली महान उपलब्धि है । मुझे आजीवन अपने सहकर्मियों और छात्रों का स्मरण रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने उनके सुखद, स्वस्थ और दीर्घायु सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्रों द्वारा शर्मा जी का पुष्पाहार द्वारा सम्मान किया गया। स्वल्पाहार के बाद राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इस कार्यक्रम में जनपद शिक्षा केन्द्र टोंकखुर्द से बीआरसीसी सुनील कुमावत, बीएसी मनोज बैरागी, धर्मेंद्रसिंह सेंगर, जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) देवास से शैलेश राठौर, उत्कृष्ट विद्यालय टोंकखुर्द के प्राचार्य बिसनसिंह तोमर, ब्लाक समन्वयक टोंकखुर्द कैलाश सिंह अचवाणा, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से डॉ. अनारसिंह ठाकुर, राज्य अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष हिमरतसिंह तोमर, जनशिक्षक हजारीलाल चौहान, विजेन्द्र शर्मा, अनवर शाह, हबीब पटेल, जीतेन्द्र देथलिया, अनंत नारायण जोशी, अर्जुनसिंह चौधरी, ग्राम पंचायत अमोना के सरपंच विनोद अस्ताया, ग्राम पंचायत आगरोद के सरपंच दिनेशचंद्र मालवीय, देवास से अनिल देशमुख, गोपाल पांचाल सहित अमोना हाई स्कूल के मनोज कुमार सोनी, दिव्या देशमुख, राजभॅंवरसिंह सैंधव, प्रेमसिंह यादव, अनिल चौधरी, सविता शिवहरे, ब्रजपाल सिंह चौहान, नरेंद्र कुमार अलेरिया, गोपाल पांचाल, संदीप शर्मा, टीना शर्मा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राजभॅंवरसिंह सैंधव ने किया और आभार संस्था प्राचार्य जेपी कुजुर ने व्यक्त किया।




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