झूठी शिकायतों से निर्माण कार्य में बाधा डालने का आरोप, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
भारत सागर न्यूज/देवास। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक आवेदक ने अपने पड़ोसी पर झूठे एवं भ्रामक आरोप लगाकर उसके वैध निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करने तथा न्यायालय में विचाराधीन भूमि विवाद को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। आवेदनकर्ता देवेन्द्र सोनी ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनके पड़ोसी बाला पिता श्रीपतराव पलसे एवं उनके परिवार द्वारा 27 जुलाई 2026 की जनसुनवाई में एक आवेदन देकर शासन को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
आवेदन में आरोप लगाया गया था कि निर्माण कार्य के दौरान उनकी भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है, जबकि आवेदक का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि इससे पहले भी जनवरी माह में महापौर जनसुनवाई में इसी प्रकार की शिकायत की गई थी। आवेदक का दावा है कि वास्तविकता इसके विपरीत है और पड़ोसी द्वारा उसकी निजी स्वामित्व वाली भूमि पर निर्माण कर लगभग 54.70 वर्गफीट क्षेत्र पर कब्जा किया गया है। इस संबंध में मार्च 2024 से विभिन्न विभागों में शिकायतें की गईं, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जो वर्तमान में विचाराधीन है।
आवेदक ने आरोप लगाया कि न्यायालय में चल रहे प्रकरण को प्रभावित करने और उस पर दबाव बनाने की मंशा से बार-बार झूठी शिकायतें की जा रही हैं। साथ ही सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से उसकी सामाजिक, व्यापारिक एवं राजनीतिक छवि धूमिल करने का भी प्रयास किया जा रहा है। आवेदन में कलेक्टर से मांग की है कि बाला पलसे के भवन के सामने की गली एवं भवन की पुनः पैमाइश कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराई जाए। इसके अलावा पड़ोसी द्वारा उसकी ओर खोली गई खिड़कियों एवं दरवाजों को बंद कराने की मांग भी की गई है, जिससे उसकी निजता प्रभावित न हो और वह अपने भवन का निर्माण कार्य शांतिपूर्वक पूरा कर सके। मामले में लगाए गए कथित झूठे आरोपों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।



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