देवास शहर का संवेदनसील स्थान सुभाष चौक पुलिस चौकी के इंतजार में !
निगम मार्केट में ऊपर बन रहे नई बिल्डिंग में पुलिस चौकी की मांग कर रहे सर्राफा व्यापारी एवं रहवासी
देवास /पंडित अजय शर्मा -- देवास शहर के मध्य स्थित अति संवेदनशील स्थान सुभाष चौक घंटाघर कहलाता है । जहां वर्ष भर सभी धर्मों के आयोजन किए जाते हैं जहां कई बार स्थिति अति गंभीर विवादित हो जाती है ।इसी को मद्देनजर रखते हुए तात्कालिक अपाराजय विधायक व मंत्री रहे स्वर्गीय तुकोजी राव पवार द्वारा लोहे की गुमटी नुमा पुलिस चौकी रखी गई थी। कुछ वर्षों बाद चौकी की चद्दर नीचे से सड़ने पर चोरी के मामले में फसे कुछ तथा कथित सर्राफा व्यापारियों द्वारा पुलिस को नई पक्की व आधुनिक सुव्यवस्थित चौकी बनाकर देने की तैयारी मैं विवाद की स्थिति होने के कारण न्यायालय के आदेश पर तोड़ दी गई ।तभी से लगभग विगत डेढ़ वर्ष से सुभाष चौक सहित आसपास के सभी संवेदनशील क्षेत्र के व्यापारी व रहवासी डर व खौफ के माहौल में अपना व्यापार व्यवसाय करने व रहने पर मजबूर हैं ।और फूल वाले के ऊपर निगम मार्केट में निगम द्वारा निर्माणाधीन नए भवन में पुलिस चौकी बनने की बाट जौह रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सुभाष चौक घंटाघर चौराहे पर स्थित नगर निगम मार्केट मैं निगम द्वारा फूल माला की दुकान के ऊपर नई बिल्डिंग व्यवसायिक या आवासीय उपयोग के लिए बनाई जा रही है। जिसका निर्माण जारी है, जिसमें सुभाष चौक घंटाघर से चारों तरफ स्थित सराफा बाजार ,अखाड़ा रोड रंग वाले की गली, गांजा भांग चौराहा रोड ,और नोवेल्टी चौराहा रोड, चारों तरफ महंगा व्यवसायिक एवं रहवासी क्षेत्र है जहां व्यापारियों सहित रहवासियों को भी पुलिस चौकी ना होने के कारण त्योहारों पर उपद्रवियों द्वारा दंगा फसाद का डर और आए दिन चोरी लूट का खतरा सताता रहता है।
एक नजर में पुलिस चौकी अध्याय !
हालांकि पूर्व में तत्कालीन अपराजेय विधायक व मंत्री रहे स्वर्गीय तुकोजी राव पवार द्वारा क्षेत्र के व्यापारियों व रहवासियों की मांग पर पुलिस चौकी लोहे की गुमटी नुमा स्थापित की गई थी ।कई वर्षों बाद वह लोहे की गुमटी नुमा चौकी नीचे से पूरी तरह जर्जर होकर खत्म होने की कगार पर ही थी, कि उसी दौरान सुभाष चौक मैं ही एक कांग्रेसी सर्राफा व्यापारी के यहां उसी के नौकर ने ही दुकान से ज्वेलरी चुराकर आसपास की कथित दुकानों पर सस्ते दाम मैं बेच दी ।जिसकी शिकायत मौखिक रूप से कांग्रेसी सर्राफा व्यापारी द्वारा तात्कालिक कोतवाली पुलिस टीआई को की गई। मौखिक शिकायत के आधार पर पुलिस द्वारा उसके नौकर को पकड़ा और बिना किसी लिखित शिकायत व एफ आई आर के उसे डरा धमका कर पीटकर ज्वेलरी के बारे में पूछा गया ,तो उसने डर के मारे सब सच-सच बता दिया, कि उसके द्वारा किस किस प्रतिष्ठित सर्राफा व्यापारियों को चोरी की गई ज्वेलरी बेची गई है ।पुलिस द्वारा आरोपी को साथ लेकर कथित दुकानों पर जाकर ज्वेलरी का खुलासा किया और उक्त सर्राफा व्यापारियों पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही, तो सर्राफा व्यापारियों द्वारा अपने मान व प्रतिष्ठा बचाए रखने के लिए एफ आई आर ना करने की शर्त पर लोहे की गुमटी नुमा चौकी हटाकर पक्की आधुनिक सुव्यवस्थित पुलिस चौकी बनाकर देने का वादा कर एफ आई आर रुकवाई ।तत्पश्चात वादे के अनुसार चौकी बनाने की तैयारी भी हुई और आधि बनाई भी गई ,किंतु रोड पर पेड़ के नीचे बनाई गई चौकी का दायरा बढ़ा दिया गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों की परेशानी राजनीति के दो भागों में बट गई जिसकी कि शिकायत होने पर सांसद के हस्तक्षेप के बाद मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा। उच्च न्यायालय के आदेश पर वह चौकी निगम द्वारा जेसीबी से तोड़ दी गई ।हालांकि उसी स्थिति में तात्कालिक एसपी ने कांग्रेश व कांग्रेसी मैनेजरों के दबाव में सांसद पर एफ आई आर भी दर्ज की गई ,जिसमे आज तक ना तो गिरफ्तारी ही की गई है , और ना ही शायद केस का खात्मा ही किया गया है।और सुभाष चौक पर आज तक वहां के सर्राफा एवं अन्य व्यापारी तथा रहवासी पुलिस चौकी के इंतजार में कई बार मांग कर चुके हैं ।
निगम मार्केट के ऊपर निर्माणाधीन नए भवन में पुलिस चौकी की मांग -- व्यापारी एवं रहवासी !
हमारे द्वारा सुभाष चौक स्थित नगर निगम मार्केट के ऊपर निगम द्वारा ही ठेके पर नया भवन व्यवसायिक या रहवासी बनाया जा रहा है। निगम द्वारा इसी निर्माणाधीन बिल्डिंग में स्थानीय सर्राफा एवं अन्य व्यापारियों तथा रहवासियों द्वारा पुलिस चौकी बनाए जाने की मांग कर रहे हैं । जिसमें हमारे द्वारा स्थानीय व्यापारी स्वतंत्र जोशी व सर्राफा व्यापारी सुनील चौधरी एवं सुनील जैन तथा स्थानीय रहवासी शेखर कौशल से बात की गई ,तो उन्होंनेे बताया कि सुभाष चौक घंटाघर देवास शहर का मध्य एवं अतिसंवेदनशील स्थान है ।यहां सभी धर्मों के त्योहारों का मुख्य केंद्र होने के कारण स्थिति बहुत गंभीर व विवादित हो जाती है ।साथ ही यहां चारों तरफ सर्राफा व्यापारीयो का महंगा व कीमती बाजार होने के साथ-साथ बर्तन व अन्य व्यापारी भी व्यापार करते हैं ।संकीर्ण चौराहा व सकड़ी गलियां होने के कारण भीड़ अधिक होती है ।यहां चोरी व लूट का खतरा हमेशा बना रहता है ।व्यापारी व रहवासी हमेशा चिंतित रहते हैं ,कि कब क्या हो जाए कोई भरोसा नहीं। यहां पुलिस चौकी का होना अति आवश्यक है ,हम सभी स्थानीय व्यापारी व रहवासी .स्थानीय सांसद, विधायक ,जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं निगम आयुक्त से आग्रह करते हैं कि सभी से रायशुमारी कर निगम के निर्माणाधीन नवीन भवन में पुलिस चौकी स्थापित करने की कृपा करें जिससे हम स्थानीय सर्राफा एवं अन्य व्यापारियों सहित रहवासी भी इस संवेदनशील स्थान पर सुरक्षित रहकर अपना व्यापार व्यवसाय कर सकें ।



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