परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है, भागवत कथा की हुई पूर्णाहुति
देवास। ग्राम छापरी में मंगलवार को ब्रह्मलीन स्वामी हरिहरानंद गिरी महाराज की 22वीं पुण्यतिथि समारोह और श्रीमदभागवत ज्ञान गंगा कथा समापन दिवस पर श्रीकृष्ण सुदामा के अनन्य प्रेम का प्रसंग सुनाया। कथा व्यास महंत केशव गिरी जी ने कहा परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है। इसलिए जो भी पीछे छूट गया उस पर शोक मनाने की जगह जो आपके पास है उसका आनन्द उठाना सीखिये। कुछ इक_ा भी उन्ही के पास होता है जो बांटना जानते हैं फिर चाहे भोजन हो प्यार हो या सम्मान।
इस अवसर पर परम श्रद्धेय श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी विद्यागिरीजी महाराज के पावन सानिध्य में शुक सर्वानंद सन्यास आश्रम छापरी देवास के अध्यक्ष ठाकुर हरिसिंह जादौन और समस्त आसपास ग्राम वासियों द्वारा आयोजन किया जा रहा है। आयोजक समिति के वीरेंद्र सिंह राजपूत छापरी ने बताया कि कथा के समापन पर विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में भक्तजनों ने प्रसादी ग्रहण की। विशेष अतिथि राजवीर सिंह बघेल, रघुवीर सिंह बघेल एवं पूर्व मंत्री दीपक जोशी उपस्थित हुए और स्वामी का आशीर्वाद लिया।

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