राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की नवाचारी प्रशिक्षण पद्धतियों पर राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी सम्पन्न
देवास। महारानी पुष्पमाला राजे पवार शासकीय कन्या महाविद्यालय, देवास में एक दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की नवाचारी प्रशिक्षण पद्धतियों पर किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं माल्यार्पण से हुआ। मुख्य अतिथि महाविद्यालय की जनभागीदारी अध्यक्ष मनोरमा सोलंकी मंच पर उपस्थित थी। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. शोभा सुद्रास ने मुख्य अतिथि श्रीमती सोलंकी का स्वागत किया। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ वंदना मिश्रा, डॉ. भारत सिंह गोयल, प्रो. चारुशीला भोसले, डॉ. उज्ज्वला बाबर, डॉ. जी. डी सोनी ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य डॉ. शोभा सुद्रास ने अपने उद्बोधन में बताया कि नई शिक्षा नीति सभी के लिए अति महत्वपूर्ण है। इसमें वोकेशनल कोर्स के लिए जोर दिया गया है। डॉ. एल.जी. पाटिल द्वारा उच्च शिक्षा के विभिन्न नवीन पहलुओं पर बात की गई। उनके द्वारा कहा गया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सामना करने के लिए शिक्षकों को नवाचारी प्रयोग करना पड़ेगा। उन्होंने शिक्षकों को नवाचार अपनाते हुए छात्राओं के लिए मजबूत भविष्य के लिए तैयार रहने को कहा। इसके पश्चात श्रीमती प्रतिभा ठाकुर द्वारा कौशल विकास के महत्व पर अपना उद्बोधन दिया। साथ ही नीरज राठौर ने कौशल विकास का महत्व बताया। उन्होंने तीन कुशलताओं इंग्लिश, कंप्यूटर साक्षरता एवं प्रस्तुतीकरण पर जोर दिया। साथ ही विभिन्न फॉरेन फोलोशिपके बारे में बताया। महारानी पुष्पमाला राजे पवार शासकीय कन्या महाविद्यालय देवास ने एटिविटी यू. एस. ए. इंडिया के साथ नॉलेज शेयरिंग को लेकर एम. ओ. यू किया। डॉ. के. वीरेंद्र द्वारा नई शिक्षा नीति की आवश्यकता क्यों है के बारे में बतलाया। 1996 के बाद 2020 के बीच बहुत गेप है। महात्मा गांधी जी प्राथमिक शिक्षा एवं वोकेशनल कोर्स पर जोर दिया गया था। उन्होंने कहा कि रोजगार नहीं तो शिक्षा बेकार है। डॉ. नागदवने ने अपने उद्बोधन निम्न पंक्तियों से प्रारंभ किया। लोग काम करते हुए भी लोग गरीब है। बावजूद इसके कि काम करते हैं। 13000 से ज्यादा सरकारी योजना के बारे में अवगत कराया। डॉ. भारत सिंह गोयल ने चारों सत्र की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ. कविता देशमुख ने महाविद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया। संचालन क्रीड़ा अधिकारी डॉ. नेहा बघेल ने किया। राष्ट्रीय शिक्षा संगोष्ठी में महाविद्यालय के डॉ. लोकेश जरवाल, राजीव कुमार साहू, वर्षा गोले, दीपनवीता गांगुली, प्रीती तगाया, नेहा बघेल, प्रमोद परिहार, विभा चौरसिया, अंजली वर्मा, डॉ. शरद वर्मा, डॉ. वर्षा जायसवाल, डॉ. सुभाष कुमार गुहा, मनीष दुबे, राम सितम साकेत, संतोष पटेल, धर्मेन्द्र दडिंग, सुखदा पुराणिक, रितेश शर्मा, रवि भाटी, अल्पना कुशवाहा, एस. के व्यास, अजय वर्मा, रघुनाथ मालवीय अभय तवर, कमल किशोर, विजय योगी ने योगदान दिया।
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