देवास में महाराष्ट्र समाज की भव्य दिंडि, विठ्ठल-रुक्मिणी के जयघोष से गूंजा शहर।
देवास में महाराष्ट्र समाज द्वारा भव्य दिंडि का आयोजन, भक्तिरस में डूबी रही शहर की फिज़ा-
भारत सागर न्यूज/देवास। देवशयनी एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) के पावन अवसर पर महाराष्ट्र समाज देवास द्वारा पारंपरिक और भव्य दिंडि (शोभायात्रा) का आयोजन किया गया। इस शोभायात्रा में समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्ति भाव के साथ भाग लिया।
भगवान श्री विठ्ठल और माता रुक्मिणी की मनोहारी प्रतिमाओं को फूलों से सुसज्जित पालकी में विराजमान कर शहर में यात्रा निकाली गई, जिनके दर्शन का लाभ श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक उठाया। पालकी यात्रा महाराष्ट्र समाज भवन से प्रारंभ होकर म. गांधी मार्ग, नवेल्टी चौराहा, तहसील चौराहा, मीरा बावड़ी, विठ्ठल मंदिर होते हुए पुनः समाज भवन पहुंची।
शोभायात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर विशेष स्वागत किया गया, जिनमें तहसील चौराहा, दिलीप सिंह जाधव चौक और शनि मंदिर प्रमुख रहे। यहाँ श्रद्धालुओं ने दिंडि का पुष्पवर्षा और भजन-कीर्तन से अभिनंदन किया। दिंडि में जयगुरु दत्त मंडल द्वारा भक्ति रस से परिपूर्ण भजन-कीर्तन की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम के पूर्व समाज भवन में अध्यक्ष दीपक कर्पे और न्यास प्रबंधक सदाशिव जोशी ने भगवान गणेश एवं विठ्ठल-रुक्मिणी की पालकी की पूजा और आरती की। वहीं, समाज मंदिर में सौ. संगीता सुपेकर द्वारा प्रस्तुत सुश्राव्य कीर्तन ने उपस्थित भक्तों को भावविभोर कर दिया।
इस आयोजन का सफल संयोजन शेखर धोडपकर ने किया। कार्यक्रम में गिरीश कुलकर्णी, दिव्या गोटी, उज्ज्वला व्यास, वृषाली आपटे, भूषण अत्रे, राजू सुपेकर, पद्माकर फड़निस, संकेत सुपेकर, अतुल बागलीकर, मंदार मुळे और अविनाश जोशी सहित अनेक समाजसेवियों का सक्रिय योगदान रहा।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने हेतु अनिल बेलापुरकर (गुरुजी) और रेणुका माता संस्थान, इंदौर के संत प्रवीणनाथ महाराज की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
दिंडि का समापन समाज भवन में प्रसाद वितरण के साथ भक्तिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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