कलश यात्रा के साथ शिव महापुराण कथा, रुद्राक्ष महोत्सव व महामृत्युंजय अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ।

 

शिव तत्व संपूर्ण ब्रह्मांड की चेतना है, जो भक्ति, करुणा और वैराग्य के मूल स्तंभ हैं- अनंतराम जी महाराज -


गुजराती रामी माली समाज एवं महिला भक्त मंडल के तत्वावधान में हो रहा आयोजन-





भारत सागर न्यूज/देवास। श्रावण मास की पावन छाया में बुधवार को गुजराती रामी माली समाज एवं महिला भक्त मंडल द्वारा शिव महापुराण कथा, रुद्राक्ष महोत्सव एवं महामृत्युंजय पार्थिव शिवलिंग महाअनुष्ठान का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। 





कलश यात्रा प्रात: 9 बजे समाज धर्मशाला, मालीपुरा से प्रारंभ होकर बड़े बाजार, शालिनी रोड, नॉवेल्टी चौराहा, गणेश मंदिर होते हुए पुन: प्रारंभिक स्थल पर समाप्त हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं श्रद्धालु महिलाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। 





विभिन्न स्थानों पर यात्रा का पुष्पवर्षा एवं भव्य स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। यात्रा में परम पूज्य स्वामी अनंतराम जी महाराज  रामद्वारा दिव्य आनंद धाम, बड़ीसादड़ी, राजस्थान) रथ पर विराजमान रहे। धर्मशाला में व्यासपीठ की पूजा-अर्चना के उपरांत उन्होंने शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ किया। व्यासपीठ से महाराज ने कहा कि शिव तत्व संपूर्ण ब्रह्मांड की चेतना है, जो भक्ति, करुणा और वैराग्य के मूल स्तंभ हैं। 






श्रावण मास में शिव कथा का श्रवण मानव को पापों से मुक्ति दिलाकर मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है। भगवान शिव सरलता, सच्चाई और समर्पण के प्रतीक हैं। 



वे केवल जल अर्पण से प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है। शिवमहापुराण कथा प्रतिदिन 22 जुलाई तक दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। 






शिव महापुराण कथा में शामिल होने के लिए समाजसेवी कृष्ण मोहन कोमातीनेनी हैदराबाद से पधारे और आरती भी की।कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ की आरती महिला मंडल एवं समाजजनों द्वारा सामूहिक रूप से की गई। आयोजन समिति ने समस्त नगरवासियों एवं शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

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