जमीन विवाद से आहत किसान ने पी कीटनाशक, सीमांकन आदेश और नक्शा त्रुटि को लेकर पहले भी लगा चुका था गुहार
भारत सागर न्यूज/देवास। जिले की सोनकच्छ तहसील के ग्राम बुधनगांव में जमीन विवाद से परेशान एक किसान द्वारा कीटनाशक पीने का मामला सामने आया है। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात ग्राम बुधनगांव निवासी कृषक शांतिलाल पिता रामसिंह ने कथित रूप से कीटनाशक का सेवन कर लिया। शांतिलाल के छोटे भाई राजेश ने बताया कि वे लंबे समय से पैतृक भूमि के सीमांकन एवं नक्शा त्रुटि को लेकर प्रशासन के चक्कर काट रहे थे। मंगलवार को देर रात बीना बताए कहीं चले गए। काफी देर ढूंढा व पुलिस को सूचना दी, लेकिन बुधवार को सुबह 4 बजे तक नही मिले।
परिजनों को अल सुबह खेत के पास कीटनाशक की डब्बी के साथ पडे मिले। परिजन तुरंत उन्हें सिविल लाईन रोड स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उनका इलाज चल रहा है। पीडि़त किसान शांतिलाल का कहना है कि उसकी पैतृक भूमि पूर्व में सर्वे क्रमांक 176/1 एवं 176/2 के रूप में दर्ज थी, जिसका नवीन बंदोबस्त के दौरान सर्वे क्रमांक 108, 109 एवं 110 के रूप में निर्धारण किया गया। उसका आरोप है कि बंदोबस्त के समय नक्शा निर्माण में तकनीकी त्रुटि होने से भूमि की वास्तविक स्थिति और राजस्व नक्शे में अंतर आ गया, जिससे उसकी पैतृक भूमि प्रभावित हो रही है।
किसान के अनुसार नक्शा त्रुटि के सुधार के लिए वर्ष 2025 में एसडीएम सोनकच्छ के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया गया था, जो अभी भी विचाराधीन है। इसके बावजूद पड़ोसी किसान केदारसिंह, राधेगोविंद और हुकुमसिंह ने केवल विवादित सर्वे क्रमांक 112 का सीमांकन कराकर आदेश प्राप्त कर लिया। आरोप है कि सीमांकन आदेश के बाद पड़ोसी किसानों ने विवादित भूमि को जोतकर उसमें बुआई भी कर दी। शांतिलाल का कहना है कि उसने नायब तहसीलदार भौरासा द्वारा जारी सीमांकन आदेश को निरस्त कराने के लिए जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा थाना भौरासा में कई बार आवेदन दिए, लेकिन उसकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों का आरोप है कि लगातार सुनवाई नहीं होने और अपनी पैतृक भूमि को लेकर बढ़ते विवाद से मानसिक रूप से परेशान होकर किसान ने यह कदम उठाया। फिलहाल किसान का उपचार जारी है। मामले को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना शेष है। वहीं परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर नक्शा त्रुटि का शीघ्र निराकरण और पूरे मामले में न्याय की मांग की है।




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