बी.ए. परीक्षा परिणाम में कम अंक एवं अतिरिक्त कक्षाओं के नाम पर समय से पूर्व महाविद्यालय छोड़ने का मामला, ABVP ने उठाई आवाज
भारत सागर न्यूज/खाचरौद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा शासकीय विक्रम महाविद्यालय, खाचरौद में विद्यार्थियों की विभिन्न शैक्षणिक समस्याओं को लेकर प्राचार्य महोदय को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र उचित कार्रवाई की मांग की गई।बी.ए. परीक्षा परिणाम में कम अंक का मामला उठाया ज्ञापन में बी.ए. कक्षा के परीक्षा परिणाम में कई विद्यार्थियों के कम अंक आने तथा कुछ विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में शून्य अंक प्राप्त होने का विषय प्रमुखता से उठाया गया। ABVP ने मांग की कि ऐसे विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं एवं परीक्षा परिणाम की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि मूल्यांकन अथवा तकनीकी त्रुटि के कारण विद्यार्थियों को कम या शून्य अंक प्राप्त हुए हैं, तो आवश्यक सुधार कर उचित कार्रवाई की जाए।
अतिरिक्त कक्षाओं के नाम पर समय से पूर्व महाविद्यालय छोड़ने का मामला, ABVP ने उठाई आवाज-
ABVP नगर मंत्री आदित्य देवड़ा ने बताया कि महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन में अनियमितता एवं निर्धारित समय से पूर्व शिक्षकों के महाविद्यालय छोड़ने का मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि कुछ शिक्षक अतिरिक्त कक्षाएं लेने के नाम पर प्रातः 9 बजे महाविद्यालय आते हैं, लेकिन विद्यार्थियों की नियमित अतिरिक्त कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षकों का निर्धारित समय प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक है, जबकि विद्यार्थियों के अनुसार पिछले कई दिनों से कुछ शिक्षक अतिरिक्त कक्षाओं का हवाला देकर लगभग 3 बजे ही महाविद्यालय से चले जाते हैं। इस संबंध में ऑनलाइन सार्थक ऐप पर दर्ज उपस्थिति एवं वास्तविक उपस्थिति की भी जांच किए जाने की मांग की गई है। ABVP ने महाविद्यालय प्रशासन से अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन, शिक्षकों की उपस्थिति तथा सार्थक ऐप पर दर्ज उपस्थिति की निष्पक्ष जांच कर विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की मांग की।
“हम बी.ए. कक्षा के सभी विद्यार्थी चाहते हैं कि हमें नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण मिले। अतिरिक्त कक्षाएं निर्धारित होने के बावजूद यदि उनका नियमित संचालन नहीं होगा, तो इसका सीधा असर हमारी पढ़ाई और परीक्षा परिणाम पर पड़ेगा। वहीं, परीक्षा में कम अंक एवं कुछ विद्यार्थियों को शून्य अंक मिलना भी गंभीर विषय है। हमारी मांग है कि दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो।”



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