मकानों की नगर निगम रिकॉर्ड में दर्ज स्थिति व सेटेलाइट सर्वे में आ रहा बड़ा अंतर, सैकड़ों मकान मालिकों को नोटिस !
देवास - वित्तीय वर्ष समाप्त होने में एक माह से भी कम का समय बचा है। इसके पहले नगर निगम ने संपत्ति कर वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत विशेष टीमें नगर निगम सीमा क्षेत्र में अलग-अलग वार्डों की विभिन्न कॉलोनियों में पहुंच रही हैं और उन मकान मालिकों को नोटिस थमा रही हैं जिनके मकान की स्थिति नगर निगम के रिकॉर्ड कुछ और दर्ज है और सेटेलाइट सर्वे में कुछ और निकली है। नोटिस का जवाब 7 दिन के अंदर देने के लिए भवन निर्माण संबंधी नक्शा, अनुमति, कोई अन्य शुल्क संबंधी दस्तावेज लेकर नगर निगम बुलवाया जा रहा है। काफी संख्या में लोग पहुंच भी रहे हैं और संपत्ति कर विभाग में संपर्क कर रहे हैं।
मकान बनाया, तल बढ़ाए लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया
नगर निगम के संपत्ति कर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शहर में ऐसे हजारों लोग हैं जिन्होंने पिछले कुछ सालों में या तो नए भवन बनवाए या फिर पुराने भवनों के ऊपर निर्माण करवाया लेकिन इस निर्माण को अपने संपत्ति कर के खाते में अपडेट नहीं करवाया। ऐसे में दर्ज जानकारी व वास्तविक स्थिति में काफी अंतर आ रहा है, इससे निगम को कर संबंधी नुकसान भी हो रहा है।
कई कॉलोनियों में 30 प्रतिशत से अधिक लोगों को नोटिस
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में करीब 10-15 वार्डों में संपत्ति कर से संबंधित नोटिस मकान मालिकों को दिए गए हैं। इन वार्डों की कुछ कॉलोनियां तो ऐसी हैं जहां 30 प्रतिशत से भी अधिक मकान मालिकों को नोटिस दिए गए हैं। कई मकान ३ हजार वर्गफीट तक बने हैं लेकिन नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज 1000-1500 वर्ग फीट ही हैं। सेटेलाइट सर्वे में मकान निर्माण की वास्वतिक जानकारी सामने आने का जिक्र नगर निगम द्वारा दिए गए नोटिसों में भी किया गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नोटिस भेजने की प्रक्रिया वार्डों में चल रही है। जो लोग निर्धारित समयावधि में दस्तावेजों के साथ जवाब नहीं देंगे उनकी भवन संबंधी जानकारी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस खबर को भी पढ़े - तीन वर्ष की बच्ची रेस्टारेंट की दूसरी मंजिल से गिरी, हालत गंभीर !

Comments
Post a Comment