देवास में प्रधान आरक्षक के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 33 अचल संपत्तियों के साथ करोड़ों का खुलासा ! Lokayukta raids premises of Head Constable in Dewas; 33 immovable properties and assets worth crores unearthed!
देवास। देवास में आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बुधवार, 14 अक्टूबर की सुबह 6 बजे इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की संयुक्त टीम ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के देवास स्थित आवास सहित कुल 15 ठिकानों पर सर्च कार्रवाई शुरू की। देर शाम तक देवास और इंदौर के कुछ ठिकानों पर जांच जारी रही। फिलहाल सभी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अंतिम आंकड़े सामने आना बाकी हैं।
लोकायुक्त की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, जांच में अब तक कुल 33 अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है। इन संपत्तियों को खरीदने में करीब 11 करोड़ 57 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि इनका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 29 करोड़ 73 लाख रुपये आंका गया है।
आय से 11 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का दावा
लोकायुक्त के अनुसार, फिरोज खान की वेतन से अनुमानित आय करीब 75 लाख रुपये है। अन्य आय को मिलाकर उनकी कुल आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई है।
प्रेस नोट में बताया गया है कि अब तक की जांच में चल-अचल संपत्तियों पर करीब 12 करोड़ 95 लाख 72 हजार 28 रुपये का व्यय सामने आया है। यह आकलित आय से लगभग 11 करोड़ 1 लाख 87 हजार 588 रुपये अधिक है। लोकायुक्त ने इसे आय के अनुपात में लगभग 568 प्रतिशत बताया है।
33 अचल संपत्तियों का खुलासा
प्रारंभिक जांच के अनुसार, संपत्तियां फिरोज खान, उनकी पत्नी, मां, परिचित महिला रोशनी वर्मा, साहिल ट्रेडिंग कम्पनी तथा कुछ कथित बेनामी नामों से जुड़ी बताई गई हैं।
लोकायुक्त के मुताबिक, इन संपत्तियों को खरीदने में करीब 11.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का आकलन है। वहीं, इनका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 29.73 करोड़ रुपये बताया गया है। संपत्तियों के दस्तावेजों और स्वामित्व से संबंधित पहलुओं की जांच जारी है।
21.75 बीघा जमीन के एग्रीमेंट की भी जांच
लोकायुक्त के प्रेस नोट के अनुसार, फिरोज खान ने अपनी परिचित महिला रोशनी वर्मा के नाम पर शिकायतकर्ता के पिता से करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवाया था। जांच एजेंसी इस भूमि सौदे में फिरोज खान की कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है। इस मामले में रोशनी वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है।
नौ वाहनों के दस्तावेज मिले
सर्च कार्रवाई के दौरान आरोपी पक्ष के निवास से ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल सहित लगभग नौ वाहनों के दस्तावेज जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा इंदौर, उज्जैन और देवास के बैंकों में संबंधित आरोपियों के नाम से करीब 21 बैंक खाते सामने आए हैं। लोकायुक्त के अनुसार, इन खातों से जुड़ी बैंकिंग जानकारी जुटाई जा रही है और बैंक खातों से राशि निकालने पर रोक लगाई गई है।
पांच कंपनियों और फर्मों की जानकारी सामने आई
प्रारंभिक जांच में साहिल ट्रेडिंग कम्पनी, रॉयल ग्रीन रियल स्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल स्टेट और ब्लैक हॉरनेट नामक कंपनियों या फर्मों से संबंधित जानकारी सामने आई है।
लोकायुक्त इन कंपनियों और फर्मों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन तथा संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के आगे बढ़ने के साथ अन्य जानकारियां भी सामने आ सकती हैं।
देवास और इंदौर में देर शाम तक जांच
लोकायुक्त की कार्रवाई देवास के आदर्श नगर स्थित आवास सहित विभिन्न ठिकानों पर की गई। इंदौर और अन्य स्थानों पर भी संपत्तियों तथा दस्तावेजों की तलाशी ली गई। प्रेस नोट के अनुसार, कुछ स्थानों पर सर्च कार्रवाई पूरी हो चुकी थी, जबकि देवास और इंदौर स्थित संबंधित आवासों पर जांच जारी थी।
देवास में कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान और उप पुलिस अधीक्षक दीपक सेजवार सहित अन्य अधिकारियों ने किया। इंदौर की टीम में उप पुलिस अधीक्षक आनंद चौहान, उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचन्द्र पटेल और निरीक्षक आशुतोष मिठास सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
जांच जारी, अंतिम आंकड़ों का इंतजार
यह कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में की गई। फिलहाल संपत्तियों के दस्तावेजों, बैंक खातों और कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है। सामने आए आंकड़े अब तक की जांच और लोकायुक्त के प्रेस नोट पर आधारित हैं। सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

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