सरदार पटेल जयंती पर कुर्मी क्षत्रिय पाटीदार समाज ने मनाया एकता दिवस, समाज की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान।
भारत सागर न्यूज/देवास। लौह पुरुष, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती कुर्मी क्षत्रिय पाटीदार समाज द्वारा एबी रोड स्थित एक निजी गार्डन में एकता दिवस के रूप में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। समाज के वरिष्ठ राजेश पटेल ने बताया कि इस अवसर पर समाज की विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, मां सरस्वती एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, पूर्व देविप्रा अध्यक्ष मनोज राजानी, मंदसौर से पधारे पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार, कुर्मी क्षत्रिय पाटीदार समाज के प्रांतीय उपाध्यक्ष दिनेश पाटीदार, भोपाल से पधारे देवेंद्र सिंह, पार्षद धर्मेंद्र सिंह बैस एवं पार्षद प्रतिनिधि राहुल पंवार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर रूचिका बर्डे ने सरस्वती वंदना की मनोहारी प्रस्तुति दी। समाजजनों ने अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं सरदार पटेल का प्रतीक चिन्ह (मोमेंटो) भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।
महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने देश की सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर भारत को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। आज उनके आदर्शों को आत्मसात करने और समाज में एकता की भावना मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने देवास में सरदार वल्लभभाई पटेल की आदमकद प्रतिमा स्थापित कराने के अपने पूर्व वचन को दोहराते हुए कहा कि इस दिशा में लिए गए संकल्प को पूरा करेंगे। पूर्व देविप्रा अध्यक्ष मनोज राजानी ने खंड-खंड भारत को अखंड भारत बनाने में सरदार पटेल की अहम भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षा, संगठन, संस्कार और सेवा कार्यों से होती है। समाज को अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाकर नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने समाज में प्रचलित मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में होने वाले अनावश्यक खर्च के स्थान पर शिक्षा, जरूरतमंदों की सहायता और जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मंदसौर से पधारे पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार ने राजनीति में समाज की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज को संगठित होकर राजनीतिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। समाज की एकजुटता ही उसकी वास्तविक शक्ति है। मंदसौर से पधारे समाज के कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष दिनेश पाटीदार ने अपने प्रभावी उद्बोधन में समाज की उपजातियों के बीच विभाजन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आपसी भेदभाव और अलग-अलग पहचान के बंधनों से ऊपर उठकर हमें सामाजिक एकीकरण की दिशा में कार्य करना होगा। हमारी प्राथमिकता समाज की एकता और सामूहिक शक्ति होनी चाहिए। जब तक हम छोटे-छोटे विभाजनों से बाहर नहीं निकलेंगे, तब तक व्यापक सामाजिक मजबूती हासिल नहीं कर पाएंगे। भोपाल से पधारे देवेंद्र सिंह ने कहा कि पुराने इतिहास में समाज की सभी उपजातियों की एक ही पहचान रही है। समय के साथ बने विभाजनों को समाप्त कर हमें पुनः एकजुट होना चाहिए। समाज की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। आपसी प्रेम, भाईचारे और सहयोग की भावना के साथ सभी को मिलजुलकर रहना चाहिए। कार्यक्रम में समाज का नाम गौरवान्वित करने वाली प्रतिभाओं का अतिथियों द्वारा मोमेंटो भेंटकर सम्मान किया गया।
इसमें महिला सरपंच श्रीमती निर्मला पाटीदार, पुलिस विभाग में एएसआई के पद पर सेवाएं दे रहीं ज्योति पाटीदार तथा खेल जगत में राष्ट्रीय स्तर पर समाज एवं देवास का नाम रोशन करने वाली बेटी खुशी पाटीदार को सम्मानित किया। इस अवसर पर रमेश गौर, श्रीकृष्ण गौर, हीरालाल पाटीदार, विमल पाटीदार, नरेन्द्र पाटीदार इकलेरा, गोपाल पाटीदार, शिवनारायण पाटीदार, शिव पाटीदार धंदेड़ा, सब इंस्पेक्टर राजेश पटेल, के.के. गौर, राजेश पटेल, बब्लू पाटीदार, नवीन नाहर, रूचिका बर्डे, पूजा पाटीदार, डॉ. प्रीति विनय पाटीदार सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, वरिष्ठजन, मातृशक्ति एवं युवा उपस्थित रहे। संचालन नवीन नाहर ने किया तथा आभार घनश्याम कटारिया ने माना। कार्यक्रम का समापन स्वरूचि भोज के साथ हुआ।





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